जयपुर

टांकरड़ा-हाड़ौता बायपास: 72.70 करोड़ मंजूर, फिर भी अधूरा काम, दर्जनों गांव और इंडस्ट्रियल एरिया प्रभावित

Tankarda Hadota bypass : विधानसभा क्षेत्र में चौमूं से महला तक बनने वाला मेगा हाईवे वर्षों से अधूरा पड़ा है। वहीं हाड़ौता से टांकरड़ा बायपास निर्माण के लिए 72.70 करोड़ रुपए की स्वीकृति पिछले वर्ष मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया।

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Apr 30, 2026
बदहाल हाड़ौता-टांकरड़ा मार्ग। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Tankarda Hadota bypass : चौमूं (जयपुर)। विधानसभा क्षेत्र में चौमूं से महला तक बनने वाला मेगा हाईवे वर्षों से अधूरा पड़ा है। वहीं हाड़ौता से टांकरड़ा बायपास निर्माण के लिए 72.70 करोड़ रुपए की स्वीकृति पिछले वर्ष मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया। अधूरी सड़क और गड्ढों के बीच रोजाना हजारों वाहन गुजर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।

वर्तमान में हाड़ौता से टांकरड़ा तक ग्रेवल सड़क पर कंकरीट फैली हुई है और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस मार्ग के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार टांकरड़ा-हाड़ौता बायपास निर्माण का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है।

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पहले इसके लिए 52 करोड़ रुपए की स्वीकृति थी, जो अब बढ़कर 72 करोड़ रुपए हो चुकी है। रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने के बाद फाइल वित्त विभाग तक पहुंची, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसी प्रकार चौमूं-हाड़ौता से महला हाईवे चौड़ाईकरण के लिए सरकार ने 2 करोड़ रुपए की डीपीआर स्वीकृत की थी। आरएसआरडीसी ने 14 मीटर फोरलेन सड़क की डीपीआर तैयार कर दी है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई सात मीटर है।

दर्जनों गांव और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ाव

ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। कालाडेरा, मंडा, रेनवाल और जोबनेर को जोड़ते हुए यह हाईवे महला-अजमेर रोड तक पहुंचता है। निर्माण अधूरा रहने से यातायात का दबाव बढ़ रहा है और धूल व गड्ढों से लोग परेशान हैं।

25 हजार से अधिक वाहन गुजर रहे

मेगा हाईवे कालाडेरा-रेनवाल मार्ग पर प्रतिदिन 25 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। रीको क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। सड़क का चौड़ाईकरण नहीं होने के बावजूद टोल वसूली जारी रहने से लोगों में नाराजगी है।

अंडरपास नहीं बनने से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-52 हाड़ौता कट पर पुलिया निर्माण के दौरान चौमूं-महला मार्ग के सामने अंडरपास नहीं छोड़ा गया। इससे आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को परेशानी होगी। वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। ग्रामीण इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

इनका कहना है….
अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है और विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और निर्माण जल्द शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ.शिखा मील बराला, विधायक चौमूं

टांकरड़ा-हाड़ौता बायपास निर्माण शुरू कराने को लेकर प्रयास जारी हैं। बजट स्वीकृत हो चुका है और जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है। मेगा हाईवे चौड़ाईकरण को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
रामलाल शर्मा, पूर्व विधायक

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Published on:
30 Apr 2026 02:43 pm
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