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जयपुर ।
लश्कर सरगना और मुम्बई हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद को फंडिंग करने के मामले में गिरफ्तार सलीम 50 साल पहले ही राजस्थान के कुचामन से परिवार समेत छोड़ गया था। एनआईए ने राजस्थान लोकल पुलिस और एटीएस को इसकी जानकारी दी है। पूछताछ में सलीम ने बताया कि राजस्थान के कुचामन में अब उसका एक ही रिश्तेदार रहता है। स्थानीय पुलिस उस रिश्तेदार के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
उधर, राजस्थान एटीएस लगातार एनआइए के संपर्क में है। एटीएस राजस्थान में सलीम के संपर्क सूत्रों का पता लगा रही है। हालांकि प्राथमिक जांच में सलीम के राजस्थान छोडऩे के बाद यहां उसका संपर्क नहीं बताया जा रहा है। सलीम परिवार सहित दिल्ली में ही रह रहा है।
गौरतलब है कि दिल्ली में दस वर्षों से सलीम का दरियागंज में टूर एंड ट्रेवल का दफ्तर भी है। हवाला कारोबारी निशाने पर हवाला कारोबारी सलीम के टेरर फंडिंग में पकड़े जाने के बाद राजस्थान एटीएस प्रदेश के हवाला कारोबारियों पर नजर रख रही है। राजस्थान के हवाला कारोबारी टेरर फंडिंग के लिए रकम इधर.उधर तो नहीं पहुंचा रहे हैं।
एनआइए ने इनको पकड़ा है
एनआइए ने हवाला कारोबारी के साथ एफ आइएफ सदस्य मोहम्मद सलमान और सज्जाद अब्दुल वानी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की राशि, 14 मोबाइल और 5 पैन ड्राइव जब्त किए हैं। पैन ड्राइव और मोबाइल के डेटा को खंगाला जा रहा है। राजस्थान एटीएस के डीआइजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सलीम करीब 50 साल पहले राजस्थान छोड़ दिया था और दिल्ली में बस गया था। एटीएस एनआइए के संपर्क में है।
- टेरर फंडिंग में पकड़ा गए सलीम का राजस्थान से तार जुड़े होना अभी सामने नहीं आया है। एनआईए पूछताछ कर रही है, उन्हें लगेगा कि हमारी जरूरत है तो हम उनका सहयोग करेंगे। एटीएस अपने स्तर पर भी मामले पर नजर रखे हुए है।
उमेश मिश्रा, एडीजी, राजस्थान एटीएस