
Chittorgarh Loksabha Election : राजस्थान में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए पूरे दमखम के साथ जुटी गई है। नेता अपना कल सुनिश्चित करने के लिए लगातार पाला बदल रहे है। वहीं, राजनीतिक दलों के नेता पुरानी कड़वाहट मिटाकर अपने नेताओं से गिले शिकवे दूर कर रहे है। जिससे आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियों से मजबूती से लड़ा जा सके।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को संगठन का एक बड़ा विवाद सुलझा दिया है। सीएम ने चित्तौड़गढ़ सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह के बीच मुलाकात करवाई। बता दें कि चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी और विधायक चंद्रभान आक्या के बीच विधानसभा चुनाव के दौरान अदावत देखने को मिली थी। आक्या ने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के चलते निर्दलीय चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की।
इस दौरान पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी भी मौजूद रहे। विधानसभा टिकट कटने के बाद से ही सीपी जोशी और चंद्रभान सिंह के बीच दूरियां बढ़ गई थी। अब सीएम के दखल के बाद दोनों ने मुलाकात की। भाजपा ने सीपी जोशी को फिर से चित्तौड़गढ़ लोकसभा से उम्मीदवार घोषित किया है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव में चंद्रभान सिंह का बीजेपी से टिकट फाइनल होने के बाद उनका टिकट काटकर नरपत सिंह राजवी को दे दिया गया। इसको लेकर चंद्रभान सिंह ने अपने टिकट कटने का ठीकरा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी पर फोड़ा। तब से चंद्रभान सिंह और सीपी जोशी के बीच अदावत लगातार बढ़ गई थी।
जिसके बाद चंद्रभान सिंह ने बीजेपी से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। लेकिन अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को संगठन का एक और बड़ा विवाद सुलझा दिया है।
विधानसभा चुनाव में एन मौके पर चित्तौड़ विधानसभा से चंद्रभान सिंह के टिकट कटने पर उन्होंने सीपी जोशी को जमकर घेरा। उन्होंने सीपी जोशी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी खुन्नस के चलते उनका टिकट कटवा दिया। इसके अलावा जब चुनाव परिणाम आया तो, उन्होंने भाजपा के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हराने के लिए भाजपा के नेता कांग्रेस से मिल गए और उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में वोट डलवाए।
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