
भवनेश गुप्ता . जयपुर। विद्युत बिल जमा करने में जयपुर डिस्कॉम की कथनी—करनी में अंतर नजर आने लगा है। हालात यह है कि 20 हजार रुपए तक की बिल राशि का भुगतान भी चैक से लेने में मना किया जा रहा है, जबकि डिस्कॉम के स्पष्ट आदेश हैं यह केवल बीस हजार से ज्यादा बिल राशि पर ही आॅनलाइन राशि जमा कराने की बंदिश है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बैरंग लौटाया, जबकि कई वर्षों से वे चैक के जरिए ही बिल राशि जमा कराते आ रहे हैं। इसके बाद नगद राशि जमा करानी पड़ी। उधर, डिस्कॉम अधिकारियों ने भी माना गलतफहमी के कारण ऐसा हो रहा है, जिसमें सुधार के निर्देश दे दिए गए हैं।
इन्हें लौटा दिया बैरंग...
—उपभोक्ता अनीता के घर का विद्युत बिल 19739 रुपए आया। इसे जमा कराने के लिए पुत्र आशीष चैक लेकर हीदा की मोरी स्थित डिस्कॉम कार्यालय पहुंचे। यहां कर्मचारी ने चैक लेने से मना कर दिया। तर्क दिया कि आॅनलाइन ही बिल जमा कराएं। उपभोक्ता ने कई बार डिस्कॉम आदेश का हवाला दिया, लेकिन कर्मचारी नहीं मानें और वापिस लौटा दिया। इसके बाद उपभोक्ता को नगद राशि जमा करानी पड़ी।
—सिंधीकैम्प निवासी हरिचरण शर्मा ने रामबाग कार्यालय पर बिल जमा कराने के नगद राशि दी, उन्हें यह कहते हुए लौटा दिया कि बिल खासाकोठी स्थिति डिस्कॉम कार्यालय पर ही जमा कराएं। जबकि, नगद राशि तो किसी भी कार्यालय पर जमा हो सकती है।
इधर, मॉनिटरिंग ऐसी की 6 घंटे में बदल गए 201 जले—खराब ट्रांसफार्मर
जयपुर डिस्कॉम की महत्वकांक्षी सुविधा बिजली मित्र एप पर मॉनिटरिंग का बड़ा असर सामने आया है। डिस्कॉम ने जले हुए 201 ट्रांसफार्मर को 6 घंटे से कम समय में बदल दिया। पहली बार है जब थोड़े समय में इतनी बड़ी संख्या में ट्रांसफार्म को कम समय में बदला गया है। पिछले दो माह में जले व खराब ट्रांसफार्मर की 285 मामले बिजली मित्र एप के जरिए सामने आए। जबकि, 84 शिकायतों के निस्तारण में में छह घंट से ज्यादा का समय लगा।
—बीस हजार रुपए तक नगद राशि जमा कराई जा सकती है। ऐसा नहीं किया जा रहा है तो गलत है। इसकी पालना सुनिश्चत करवाई जाएगी। —आर.जी. गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, जयपुर डिस्कॉम