जयपुर

अवैध संबंधों का खौफनाक अंत: राजस्थान में 3 मासूमों समेत 7 की मौत का राज खुला, नहर और घर में मिली थीं लाशें

Rajasthan Crime News: इन सामूहिक आत्महत्याओं में न केवल चार वयस्कों ने अपनी जान गँवाई, बल्कि तीन ऐसे मासूम भी काल के गाल में समा गए जिनका कोई कसूर नहीं था।

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Mar 13, 2026
Couple Demo photo
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Rajasthan Mass Suicide Case: राजस्थान में रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक दबाव के बीच दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। झालावाड़ और जालौर जिलों में हुई इन घटनाओं में अवैध संबंधों के चलते दो हंसते-खेलते परिवार उजड़ गए। इन सामूहिक आत्महत्याओं में न केवल चार वयस्कों ने अपनी जान गँवाई, बल्कि तीन ऐसे मासूम भी काल के गाल में समा गए जिनका कोई कसूर नहीं था।

झालावाड़ः 15 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार, सुसाइड नोट ने खोली थी पोल

झालावाड़ के गंगधार क्षेत्र के जेताखेड़ी गांव में दिसंबर 2024 में हुए सामूहिक सुसाइड केस में पुलिस ने अब जाकर एक अहम कड़ी सुलझाई है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी गोविंद सिंह को गिरफ्तार किया है। जाँच में सामने आया कि गोविंद सिंह के मृतक नागू सिंह की पत्नी संतोष बाई के साथ अवैध संबंध थे, जिसकी वजह से पति नागू सिंह और संतोष के बीच विवाद चरम पर था। इस तनाव के चलते नागू सिंह, संतोष और उनके 6 वर्षीय बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी थी, जबकि एक साल का मासूम बिस्तर पर मृत मिला था। नागू सिंह ने मरने से पहले लिखे पत्र में अपनी बेबसी जाहिर की थी कि उसकी पत्नी ने छोटे बच्चे को मार दिया है और खुद फांसी लगा ली है और अब वह समाज और धमकियों के डर से बड़े बेटे के साथ जान दे रहा है।

जालौरः नहर में समाई खुशियाँ, प्रेमी युगल के साथ मासूम की भी मौत

दूसरी तरफ जालौर के चित्तलवाना क्षेत्र में सिवाड़ा.परावा के बीच नर्मदा नहर से तीन शव बरामद किए गए। यहाँ एक महिला पारस देवी, उसकी 5 साल की मासूम बेटी खुशी और उसके प्रेमी अमृतलाल ने एक साथ जलसमाधि ले ली। यह मामला तब खुला जब नहर किनारे एक लावारिस बाइक और आधार कार्ड मिले। तथ्यों के अनुसार अमृतलाल और पारस देवी के बीच एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ही शादीशुदा थे और उनके अपने-अपने बच्चे थे। परिजनों की समझाइश और समाज की बंदिशों ने जब उन्हें अलग करना चाहा, तो उन्होंने अपनी जान देने का फैसला किया। इस जुनून में उन्होंने 5 साल की मासूम खुशी को भी नहीं बख्शा, जिसका शव भी नहर से बरामद हुआ।

रिश्तों का अंत और मासूमों की चीखें

इन दोनों मामलों में एक समानता यह है कि अवैध संबंधों का खौफनाक अंत मासूम बच्चों की मौत के साथ हुआ। जहाँ झालावाड़ में गोविंद सिंह की दखलअंदाजी ने एक पूरे परिवार को फांसी के फंदे तक पहुँचा दिया, वहीं जालौर में प्रेम की जिद ने एक मां को अपनी ही संतान की जान लेने पर मजबूर कर दिया। पुलिस अब इन मामलों की कानूनी कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुटी है, लेकिन ये घटनाएँ समाज के सामने गंभीर नैतिक और मनोवैज्ञानिक सवाल छोड़ गई हैं।

Published on:
13 Mar 2026 11:02 am