जयपुर

सीसीटीवी की मदद से शादी समारोहों में पकड़े जा रहें है चोर

मैरिज गार्डन संचालक अब देने लगे सुरक्षा पर ध्यान
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Mar 17, 2018
rajasthan news

जयपुर . शहर के मैरिज गार्डनों में चोरी की वारदात हो रही हैं, अब चोर पकड़े जाने भी लगे हैं। पिछले दिनों समारोह के बीच गहने व नकदी उड़ाने वालों को लोगों ने मौके से ही दबोच लिया। यह सब हुआ तीसरी आंख की बदौलत। चोरी होते ही कैमरों से चोर का पता लगा लिया। अधिकांश संचालकों ने माना है कि कैमरे लगने के बाद चोरियां घटी हैं। गार्डनों में सीसीटीवी बखूबी काम कर रहे हैं। संचालकों के अनुसार साल में महज 60-70 दिन ही कैमरे काम आते हैं। बाकी समय इनसे वे कामगारों पर नजर रख सकते हैं। यह बात भी सामने आई है कि चोरी की घटनाएं रोकने के लिए बहुत सी पार्टियां खुद सीसीटीवी लगवाती हैं।

केस 1

3 मार्च को सीकर रोड के मैरिज गार्डन में दुल्हन की मां का बैग चोरी हो गया। बैग में 8 लाख रुपए थे। फुटेज देखे तो नाबालिग चोरी करते दिखा। 20 मिनट बाद ही उसे एक ट्रक से फरार होते हुए पकड़ लिया गया।

केस 2

पिछले दिनों शहर के एक मैरिज गार्डन में सगाई समारोह के दौरान कीमती मोबाइल चुरा लिया गया। चोरी करने वाला नजदीक स्थित खेत में जा छिपा। चोरी का पता चलते ही कैमरे खंगाले गए तो चोरी करने वाले की पहचान उसके जूतों से हो गई।

केस 3

गांधीपथ स्थित मैरिज गार्डन में बड़े कारोबारी की बेटी की शादी थी। फेरों के दौरान अचानक जेवर-नकदी से भरा बैग पार हो गया। रिकॉर्डिंग में दो संदिग्ध युवक चटखारे लगाते, डांस करते दिखे। पुलिस ने इनको पकड़कर माल बरामद किया।

सैटअप में 80 हजार से एक लाख खर्च

संचालकों के अनुसार गार्डन में कैमरा सैटअप पर 80 हजार से एक लाख खर्च होते हैं। 5000 गज में फैले विवाह स्थल के लिए छह से नौ कैमरे पर्याप्त होते हैं। दो-दो कैमरे गेट, पार्किंग, फूड जोन के लिए उपयुक्त हैं। वहीं मंडप, स्टेज, किचन के लिए एक-एक काफी हैं।

ऐसे पकड़ में आए बाल अपचारी

मैैरिज गार्डन में लगे कैमरे चोरियों को खोलने में काफी मददगार साबित होते हैं। इलाके में कई बाल अपचारी ऐसे ही पकड़ में आए हैं। -महावीर सिंह, एसएचओ, करणी विहार

30 % गार्डन में अब भी नहीं कैमरे

राजस्थान टैंट डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजबिहारी शर्मा ने दावा किया कि शहर के बड़े मैरिज गार्डन में से 60-70 फीसदी में कैमरे लगे हैं। सालभर में 60-70 समारोह ही उनके यहां होते हैं। इसके बावजूद बाकी समय वे अपने कामगारों पर कैमरों से नजर रख सकते हैं। गड़बड़ी होने पर तुरंत रिकॉर्डिंग पुलिस को मुहैया करवा देते हैं। अब तो लोग भी अन्य सुविधाओं के साथ कैमरे की जानकारी जरूर लेते हैं।

Published on:
17 Mar 2018 01:22 pm