कोर्ट ने कहा कि नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों ने कोई चीटिंग, फर्जीवाड़ा या गलत प्रस्तुतीकरण नहीं किया, इसलिए उनकी सेवाएं निरंतर रखी जाएं।
हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 (लेवल-2) का संशोधित परिणाम जारी होने के कारण चयन से बाहर हुए 1235 शिक्षकों को राहत दी। कोर्ट ने नियुक्ति पा चुके शिक्षकों को सेवा से नहीं हटाने को कहा है। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह व न्यायाधीश भुवन गोयल की खंडपीठ ने विनेश कुमार, स्वाति भट्ट व अन्य की अपीलों पर यह आदेश दिया।
अपीलार्थियों का कहना था कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने 16 दिसम्बर 2022 को तृतीय श्रेणी अध्यापक के करीब 27 हजार पदों पर भर्ती निकाली, जिसका परिणाम 15 सितम्बर 2023 को जारी हुआ। इसमें अपीलार्थियों का चयन हो गया और जनवरी 2025 में जारी संशोधित परिणाम में वे चयन से बाहर कर दिए गए। गलत परिणाम के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड जिम्मेदार है, अपीलार्थी नहीं। उन्होंने न तो धोखाधड़ी की और न गलत तथ्य प्रस्तुत किए। ऐसे में उन्हें हटाया नहीं जा सकता।
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इस मामले में विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने विशेषज्ञ समिति गठित करने और उसकी सिफारिश के आधार पर पुन: परिणाम जारी करने का आदेश दिया। संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों के मेरिट में नहीं आने पर सेवाएं समाप्त करने को भी कहा। इस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों में कहा कि एकलपीठ में न अपीलार्थी पक्षकार थे और न आदेश देने से पहले उनका पक्ष सुना गया। कोर्ट ने कहा कि नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों ने कोई चीटिंग, फर्जीवाड़ा या गलत प्रस्तुतीकरण नहीं किया, इसलिए उनकी सेवाएं निरंतर रखी जाएं।