—शिक्षा संकुल के राजीव गांधी विद्या भवन से नहीं निकलने दे रहे बाहर, संकुल में चल रहा है तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए तबादला कैंप
जयपुर। चुनावी साल होने की वजह से सरकार ने इस बार तबादलों से बैन तो हटा दिया, लेकिन तबादले किसके होंगे और किसके नहीं ये अभी तक तय नहीं है। अभी हाल फिलहाल जयपुर के शिक्षा संकुल स्थित राजीव गांधी विद्या भवन में तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादलों की स्क्रूटनिंग चल रही है, यहां किसी का भी आना जाना मना है। संकुल परिसर में ही अधिकारियों और कर्मचारियों की बाड़े बंदी कर रखी है। प्रदेशभर से करीब 60 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने तबादलों के लिए आवेदन पत्र भरे हैं। इनमें आॅनलाइन और आॅफलाइन दोनों तरह के आवेदन हैं। गौरतलब है कि जयपुर में 30 अप्रेल से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के लिए कैंप शुरू हुआ है।
नहीं जाने दे रहे बाहर
स्थानान्तरण के लिए जयपुर में कैंप चल रहा है। कैंप में आए अधिकारियों और कर्मचारियों की राजीव गांधी विद्या भवन में बाड़ेबंदी कर रखी है। किसी को भी बाहर नहीं आने दिया जा रहा है। इसका कर्मचारी विरोध भी कर रहे हैं। कई अधिकारी और कर्मचारी तो बीमारी के बहाने बाहर जाना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें भी गार्ड बाहर नहीं जाने दे रहे। गार्डों का कहना है कि मंत्री कार्यालय से हमें निर्देश मिले हैं किसी को बाहर नहीं जाने दिया जाए।
खाना—रहना सब वहीं
स्थानान्तरण के लिए आए अधिकारियों और कर्मचारियों का खाना रहना सभी राजीव गांधी विद्या भवन में ही है। उन्हें वहां से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारियों का कहना है कि अभी कितने दिन यह कैंप चलेगा इसका कोई पता नहीं।
ये बता रहे कारण
संकुल में राजीव गांधी विद्या भवन में खड़े गार्डों का कहना है कि अधिकारियों को बाहर नहीं जाने देने के पीछे कारण है कि यहां का काम प्रभावित नहीं हो और यहां किसी भी प्रकार की कोई अनावश्यक भीड़ नहीं हो।
सोश्यल मीडिया पर भी मैसेज
तबादला कैंप में आए अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करने के मैसेज सोश्यल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। मैसेज में बताया जा रहा है कि मंत्री के जानकार कई लोग कैंप में आए अधिकारी और कर्मचारियों से दुव्यवहार कर रहे हैं।
नीतिगत स्थानान्तरण करें
शिक्षकों का कहना है कि स्थानान्तरण नीति से होने चाहिए। आवेदन तो कर दिया है अब आखिर क्या होगा, ये तो भगवान भरोसे ही है। दूसरे जिलों में रह रहे शिक्षकों ने स्थानान्तरण नीतिगत करने की सरकार से गुहार की है।