
एंकर -6 अगस्त को रवाना, 9 अगस्त को निकलेगा जुलूस
सावन का सत्कार
दौसा. नीलकंठ धर्म सेवा समिति, देवगिरी पर्वत के तत्वावधान में होने वाली 34वीं कावड़ यात्रा 6 अगस्त को गोलेन्दा बालाजी, मालाखेड़ा अलवर के लिए रवाना होगी। चार दिन की यात्रा के बाद 9 अगस्त को कावड़िए पवित्र जल लेकर दौसा पहुंचेंगे, जहां शोभायात्रा के साथ भगवान नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा।
कावड़ यात्रा के संयोजक दिनेश जायसवाल ने बताया कि समिति पिछले 34 वर्षों से विभिन्न पवित्र स्थलों से जल लाकर भगवान नीलकंठ का अभिषेक करती आ रही है। इस वर्ष भी यात्रा का शुभारंभ 6 अगस्त को आनंद शर्मा स्कूल, लालसोट रोड, दौसा से होगा। श्रद्धालु गोलेन्दा बालाजी, मालाखेड़ा स्थित पवित्र कुंड से जल भरकर पैदल यात्रा के माध्यम से दौसा लौटेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
यहां करवा सकते हैं पजीयन
उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु 5 अगस्त तक समिति पदाधिकारियों अथवा कावड़ समिति सदस्यों के पास अपना पंजीयन करवा सकते हैं। इसके लिए कमलेश तिवाड़ी उर्फ कल्लू भाई, विनय जोशी, रज्जू सैनी, राकेश शर्मा सीटू एवं नंदू धौंकरिया से भी संपर्क किया जा सकता है।
भगवा टी शर्ट व नेकर पहनेंगे
जायसवाल ने बताया कि कावड़ यात्रियों को गणवेश भगवा टी शर्ट व नेकर रहेगा। इसके अलावा कावड़, लोटा तथा 6 अगस्त की रात्रि का भोजन साथ लेकर चलना होगा। गोलेन्दा बालाजी से जल भरने के बाद कावड़ यात्रा 6, 7 और 8 अगस्त को पैदल यात्रा करते हुए 9 अगस्त को दोपहर तक दौसा पहुंचेगी। सायंकाल 5 बजे दुर्गा मंदिर, मंडी रोड से कावड़ यात्रा की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए किला सागर स्थित बैजनाथ महादेव मंदिर के रास्ते देवगिरी पर्वत पर स्थित भगवान नीलकंठ मंदिर पहुंचेगी। यहां कावड़ियों द्वारा लाए गए पवित्र जल से भगवान नीलकंठ का अभिषेक किया जाएगा।