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प्रोपर्टी….. पत्रिका सोशल ट्रेंड्स……….रेडियो-टीवी से अब मोबाइल रील्स और ओटीटी, सामूहिकता से व्यक्तिगतता की ओर बढ़ रहे लोग

जयपुर

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Newsdesk

Aug 02, 2026

Rajasthan

हिण्डौनसिटी. मनोरंजन यानी साथ मिल बैठना और माहौल को खुशनुमा बनाना। इसके लिए रेडियो सुनना और टेलीविजन पर धारावाहिक देखना तीन दशक पहले मनोरंजन का स्वरूप सामूहिक जुड़ाव और आत्मीयता से भरा हुआ था। उस दौर में रेडियो और दूरदर्शन ही प्रमुख साधन थे। तकनीकी विकास और संचार क्रांति की इस अवधि में समाज की मनोरंजन संस्क ृति में गहरा परिवर्तन देखने को मिला है। कभी परिवार और मोहल्ले के लोग शाम को टीवी के सामने बैठकर धारावाहिक देखते थे, रविवार की रात फिल्में और क्रिकेट मैच पूरे मोहल्ले की चर्चा का विषय बन जाते थे। बुजुर्ग चौपाल पर किस्से सुनाते और बच्चे गली में खेलते थे। यह सामूहिकता समाज की आत्मीयता और जुड़ाव का प्रतीक थी।
मनोरंजन के अंदाज के साथ आज वह दृश्य बदल चुका है। टीवी और रेडियो की जगह मोबाइल फोन और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने ले ली है। अब परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर कार्यक्रम देखने के बजाय अपने-अपने मोबाइल पर अलग-अलग वीडियो, वेब सीरीज और सोशल मीडिया स्क्रॉॅल करते हैं। पारी पूरी होने के बाद क्रिकेट मैच की चर्चा अब चौपाल पर नहीं, बल्कि व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पोस्ट पर होती है। डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में हर व्यक्ति अपनी पसंद का कंटेंट तुरंत देख सकता है, लेकिन इसके साथ ही सामूहिकता और साझा आनंद की परंपरा कमजोर पड़ गई है। पहले एक ही टीवी पर पूरा परिवार हंसता, रोता और उत्साहित होता था। अब हंसी और उत्साह इमोजी और लाइक बटन तक सीमित हो गया है। बुजुर्गों का कहना है कि टीवी और रेडियो ने परिवारों को जोड़ा था, जबकि मोबाइल और इंटरनेट ने उन्हें अलग-अलग कर दिया है। युवा पीढ़ी मानती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उन्हें स्वतंत्रता दी है, लेकिन सामाजिक मेलजोल कम कर दिया है।

ये आकाशवाणी है... सुनते ही रेडियो पर लग जाते कान
रात पौने नौ बजे देशभर के समाचार और रात आठ बजे का दुनिया की खबरों के लिए बीबीसी लंदन बुलेटिन मोहल्ले के कई लोगों को एक साथ बैठा देता था। ये आकाशवाणी है... सुनते ही लोग रेडियो पर कान लगा देते थे। दूरदर्शन पर रात 8.30 बजे का समाचार बुलेटिन, बुधवार-शुक्रवार का चित्रहार, रविवार की हिंदी फीचर फिल्म और धार्मिक धारावाहिक रामायण, महाभारत, कृष्णा पूरे परिवार और मोहल्ले को जोड़ते थे।


फोटो... एआइ से बनाया गया।