
करौली. स्थानीय राजकीय कन्या महाविद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा), राजस्थान के तत्वावधान में शनिवार को गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख शांतनु पाराशर, मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य जमनालाल मीणा तथा विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करौली के नगर कार्यवाह नारायण सिंह ने महर्षि वेदव्यास एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य जमनालाल मीणा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक गौरव और देश की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाकर उसके चरित्र का सर्वांगीण विकास करता है। मुख्य अतिथि शांतनु पाराशर ने कहा कि शिक्षक के अनुशासन में रहकर आगे बढऩे वाला शिष्य ही भविष्य में राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। उन्होंने रामायण और महाभारत के उदाहरणों के माध्यम से भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षक सदैव अपने शिष्य का हित चाहता है। वह स्वयं दीपक की तरह जलकर समाज और राष्ट्र को रोशन करता है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की इकाई सचिव डॉ. हरिकेश मीणा ने कहा कि शिक्षक कभी साधारण नहीं होता, क्योंकि प्रलय और निर्माण दोनों उसकी गोद में पलते हैं। उन्होंने महासंघ की गतिविधियों, शिक्षा क्षेत्र में उसकी भूमिका तथा समाज और संगठन के प्रति शिक्षकों के दायित्वों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के डॉ. ऋषि कुमार शर्मा ने की। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए गुरु वंदन कार्यक्रम की सार्थकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. बहादुर सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, सुमेर सिंह, रिंकी गुप्ता, डॉ. मंजू शर्मा, डॉ. नेहा, सुश्री अंकिता सिंह, आदैका जैन, डॉ. धारा सिंह, डॉ. संजीव सिंह, सोहेब खान, सुनील कुमार शर्मा, आमिर खान सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
-
करौली. कार्यक्रम में संबोधित करते डॉ. हरिकेश मीणा व मंचस्थ अतिथि।
Updated on:
02 Aug 2026 06:02 am
Published on:
02 Aug 2026 06:02 am
