जयपुर

Rajasthan Monsoon 2026: खेत में टिटहरी ने दिए 4 अंडे, किसानों का अनुमान- इस बार जमकर होगी बारिश

मानसून से पहले कोटपुतली क्षेत्र में टिटहरी के अंडे ग्रामीणों और किसानों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष चार अंडों का दिखना अच्छी और लंबी बारिश का संकेत माना जा रहा है।

2 min read
Jun 06, 2026
Rajasthan Monsoon 2026
खेत में अंडों संग टिटहरी। फोटो- पत्रिका

कोटपूतली। मानसून की दस्तक से पहले जहां मौसम विभाग आधुनिक तकनीक, उपग्रहों और वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर वर्षा का पूर्वानुमान जारी कर रहा है, वहीं ग्रामीण अंचलों में आज भी प्रकृति के संकेतों पर गहरा विश्वास कायम है। क्षेत्र में इन दिनों टिटहरी पक्षी के अंडे किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि टिटहरी के अंडों की संख्या, उनका स्थान और उनकी दिशा आगामी वर्षा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देती है। इसी कारण गांवों में लोग टिटहरी के अंडों को ध्यान से देख रहे हैं और मानसून को लेकर अपने-अपने अनुमान लगा रहे हैं।

यह वीडियो भी देखें

ग्रामीणों के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर टिटहरी ने चार-चार अंडे दिए हैं। स्थानीय मान्यताओं में इसे अच्छी और भरपूर वर्षा का संकेत माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जितने अंडे होते हैं, उतने माह तक वर्षा होने की संभावना मानी जाती है। इसके साथ ही यदि अंडों का मुंह नीचे की ओर होता है तो उसे भी बेहतर बारिश का संकेत माना जाता है। जैतपुर खींची, सांगावाला और तालामोड़ क्षेत्र में टिटहरी के अंडे विभिन्न स्थानों पर देखे गए हैं। वहीं जोधपुर के गांवों में भी टिटहरी के चार अंडे देखे गए हैं।

कहीं ये अंडे खेतों में मिले हैं तो कहीं खेल मैदानों, पहाड़ी क्षेत्रों और मिट्टी के ढेरों पर दिखाई दिए हैं। कुछ स्थानों पर टिटहरी ने ऊंची जगहों पर अंडे दिए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर भूमि में छोटा गड्ढा बनाकर अंडे रखे गए हैं। ग्रामीण इन संकेतों के आधार पर खंड वर्षा और कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना भी जता रहे हैं।

प्रकृति देती है संकेत

ग्रामीणों का मानना है कि प्रकृति मौसम परिवर्तन के संकेत पहले ही दे देती है और पक्षियों का व्यवहार इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्षों से किसान टिटहरी, चींटियों, पक्षियों और अन्य प्राकृतिक गतिविधियों को देखकर वर्षा का अनुमान लगाते रहे हैं। हालांकि मौसम विज्ञान की दृष्टि से इन मान्यताओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, फिर भी ग्रामीण समाज में इनका विशेष महत्व बना हुआ है।

मौसम का शुभ संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार टिटहरी एक ऐसा पक्षी है जो खुले स्थानों पर अंडे देती है। भीषण गर्मी के दौरान भी यह अपने अंडों की सुरक्षा के लिए लगातार उनके आसपास रहती है और धूप सहकर उन्हें सुरक्षित रखती है। पक्षी विशेषज्ञ बताते हैं कि टिटहरी के पंजे पेड़ों की शाखाओं पर मजबूत पकड़ बनाने के अनुकूल नहीं होते, इसलिए यह भूमि पर ही विचरण करती है और वहीं अपने अंडे देती है। मानसून से पहले टिटहरी के अंडों को लेकर क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है। किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं और प्रकृति के इन संकेतों को आने वाले मौसम का शुभ संदेश मान रहे हैं।

Published on:
06 Jun 2026 06:38 pm