Hirapura Bus Terminal: एक अगस्त से हीरापुरा बस टर्मिनल से बसों का संचालन शुरू होना था, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों के विरोध के बाद यह निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है।
जयपुर। एक अगस्त से हीरापुरा बस टर्मिनल से बसों का संचालन शुरू होना था, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों के विरोध के बाद यह निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है। परिवहन विभाग खुद बैकफुट पर आ गया है। टर्मिनल शुरू करने के विरोध में स्लीपर बस ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए थे।
गुरुवार को बस ऑपरेटरों ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात की, जहां मंत्री ने टर्मिनल पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के बाद ही संचालन शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऑपरेटरों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
पिछले छह दिन से हड़ताल के चलते सिंधी कैंप बस स्टैंड के बाहर बसों का ट्रैफिक जाम कम हुआ था। लेकिन गुरुवार से संचालन बहाल होने के साथ ही पुरानी अव्यवस्था लौट आई।
ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड ने एक जुलाई से सिंधी कैंप के बाहर से निजी बसों का संचालन बंद करने और हीरापुरा बस टर्मिनल को शुरू करने का निर्णय लिया था। लेकिन परिवहन विभाग इसकी पर्याप्त तैयारी नहीं कर सका। इसके बाद जैसे ही विभाग ने एक अगस्त से टर्मिनल से संचालन की योजना बनाई, निजी बस ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए। उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल से इस टर्मिनल को शुरू करने की योजना बन रही है, लेकिन विभाग हर बार विरोध के चलते पीछे हट जाता है।
अजमेर रोड स्थित 200 फीट चौराहे के पास बनाए गए हीरापुरा बस टर्मिनल को शुरू करने के लिए परिवहन विभाग, जेसीटीएसएल, रोडवेज और ट्रैफिक पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। योजना के अनुसार, टर्मिनल से अजमेर रोड की ओर जाने वाली बसों का संचालन होगा। रोडवेज अपनी इस रूट की 25 प्रतिशत बसें यहीं से चलाएगा।
यहां से करीब 50 निजी बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों के लिए बुकिंग काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। साथ ही सिटी व उपनगरीय मार्गों का सर्वे कराया जाएगा और आसपास के क्षेत्रों में बस स्टॉप चिन्हित किए जाएंगे। टर्मिनल से जेसीटीएसएल, निजी मिनी बसों और ई-रिक्शा का संचालन भी किया जाएगा।