
Trump 50 Percent Tariff : अमरीकी सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद तय हो गया कि अब टैरिफ को लेकर भारत और अमरीका के बीच समझौते के कोई आसार नहीं है। भारतीय उत्पादों के निर्यात पर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत टैरिफ लागू हो जाएगा। इससे राजस्थान का 17 से 18 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट और करीब 7 लाख लोगों का रोजगार सीधा प्रभावित होगा।
27 अगस्त से 50 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ लागू होने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले श्रम आधारित सेक्टर हैं, जिसमें जेम्स, ज्वैलरी, गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट, मार्बल, ग्रेनाइट, इंजीनियरिंग ऑटोमोबाइल गुड्स शामिल हैं। हालांकि राजस्थान के निर्यातक मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार हैं, राजस्थान की निर्यात आधारित इकाइयों पर टैरिफ का व्यापक असर देखा जा रहा है।
अमरीका से आने वाले ज्यादातर ऑर्डर और बुकिंग रद्द हो चुके हैं। राजस्थान से 60 से 70 फीसदी निर्यात अगस्त से दिसम्बर के बीच होता है। इसी दौरान ज्वैलरी, अपैरल्स और हैंडीक्राफ्ट में क्रिसमस के ऑर्डर तैयार होते हैं। क्वार्ट्ज की फैक्ट्रियों में कामकाज पूरी तरह ठप है, क्योंकि क्वार्ट्ज का 95 प्रतिशत निर्यात अमरीका को ही होता है।
राज्य सरकार इस संकट की लगातार समीक्षा कर रही है और प्रदेश के निर्यातक और निर्यात आधारित मैन्युफैक्चरिंग इकाई के संचालक भी सरकार पर भरोसा जताते हुए मानसिक तौर पर ट्रंप के टैरिफ की चुनौती का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं। फिर भी 50 प्रतिशत टैरिफ का राजस्थान के निर्यात पर असर को फिलहाल नकारा नहीं जा सकता। यहां तक कि कई उद्योग तो सदमे में हैं। सबसे बड़ी चिंता निर्यात आधारित इकाइयों में रोजगार की है। क्योंकि राजस्थान से तकनीक की तुलना में श्रम आधारित वस्तुओं का निर्यात ज्यादा होता है।
राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम के कोऑर्डिनेटर नवनीत झालानी का कहना है कि जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, चूरू में 6 हजार हैंडीक्राफ्ट इकाइयां और उनसे जुडे 2 लाख लोग ट्रंप के टैरिफ से प्रभावित होंगे। प्रदेश के निर्यातक इस भारी संकट को अकेले झेलने में सक्षम नहीं है। सरकार को तुरंत निर्यात सब्सिडी की घोषणा करनी चाहिए।
गारमेंट और टेक्सटाइल - 6200 करोड़ - 2 लाख
जेम्स-ज्वैलरी - 5000 करोड़ - 2 लाख
हैंडीक्राफ्ट - 6000 करोड़ - 2 लाख
क्वार्ट्ज-मार्बल-ग्रेनाइट - 2500 करोड़ - 1 लाख।