जयपुर

Urea Diversion: मंडी में छापा, किसानों के लिए सब्सिडी वाला यूरिया उद्योगों में खपाने का मामला उजागर

Fertilizer Misuse: सांगानेर में यूरिया डाइवर्जन का बड़ा खुलासा, कृषि विभाग ने 1154 कट्टे किए जब्त। अनुदानित यूरिया से बन रहा था डीजल एग्जॉस्ट फ्लूड, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई।

2 min read
Mar 07, 2026
Feature image

Subsidized Urea: जयपुर. राज्य में अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सांगानेर क्षेत्र में छापामारी कर भारी मात्रा में यूरिया जब्त किया है। यह कार्रवाई कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के निर्देश पर की गई। जांच में सामने आया कि किसानों के लिए मिलने वाला सब्सिडी वाला यूरिया औद्योगिक उपयोग के लिए डायवर्ट किया जा रहा था।
कृषि विभाग की टीम ने शनिवार को सांगानेर के मुहाना मंडी क्षेत्र में छापा मारकर अवैध रूप से रखे गए यूरिया के कट्टे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान मुहाना गांव की हवालों की ढाणी में दिनेश पुत्र राधेश्याम शर्मा के यहां से 1104 कट्टे अनुदानित यूरिया जब्त किए गए। जब्त किए गए कट्टों को ग्राम सेवा सहकारी समिति मुहाना के सुपुर्द कर दिया गया। इसके अलावा कपूरावाला क्षेत्र में ABI पेट्रोसाइन कंपनी से भी 50 यूरिया बैग जब्त कर ग्राम सेवा सहकारी समिति कपूरावाला को सौंपे गए।

कृषि विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान मौके से HURL कंपनी के कुल 1154 यूरिया के भरे कट्टे और 821 खाली बैग भी बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस यूरिया का उपयोग औद्योगिक कार्यों के लिए किया जा रहा था, विशेष रूप से डीजल वाहनों में इस्तेमाल होने वाले डीजल एग्जॉस्ट फ्लूड (DEF) बनाने में।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि जब्त किए गए एक कट्टे की वास्तविक कीमत 2189.50 रुपए है, जिसमें सरकार की ओर से 1923 रुपये का अनुदान दिया जाता है। किसानों को यह यूरिया मात्र 266.50 रुपए में उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में सब्सिडी वाले यूरिया को उद्योगों में उपयोग करना उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 के तहत दंडनीय अपराध है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए जल्द ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से डेफ, पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार बनाने वाली इकाइयों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों के लिए उपलब्ध कराए गए उर्वरक का गलत इस्तेमाल न हो सके।

Updated on:
07 Mar 2026 09:14 pm
Published on:
07 Mar 2026 09:09 pm