रेलवे प्रदेश में एक के बाद एक वंदेभारत ट्रेन दौड़ाकर वाहवाही बटोर रहा है। दूसरी ओर यात्रियों का इनसे मोहभंग होता जा रहा है। स्थिति ये है कि लग्जरी सुविधाओं से भरपूर और सेमी हाईस्पीड ट्रेन होने के बावजूद भी यात्री इनकी बजाय नियमित दौड़ रही अन्य सुपरफास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने में रूचि दिखा रहे हैं।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। रेलवे प्रदेश में एक के बाद एक वंदेभारत ट्रेन दौड़ाकर वाहवाही बटोर रहा है। दूसरी ओर यात्रियों का इनसे मोहभंग होता जा रहा है। स्थिति ये है कि लग्जरी सुविधाओं से भरपूर और सेमी हाईस्पीड ट्रेन होने के बावजूद भी यात्री इनकी बजाय नियमित दौड़ रही अन्य सुपरफास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने में रूचि दिखा रहे हैं। इनमें ज्यादातर ट्रेनों में इन दिनों पांव रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में वंदेभारत से रेलवे को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
दरअसल, उत्तर पश्चिम रेलवे में अजमेर से दिल्ली कैंट वाया जयपुर, उदयपुर से जयपुर और जोधपुर से साबरमती के बीच वंदेभारत भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी की बात करे तो, अजमेर से दिल्ली कैंट के बीच दौड़ रही वंदेभारत में शुरुआत में 40 से 55 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी थी, जो बढ़कर 70-75 तक ही पहुंची है। ये आंकड़ा भी शनिवार-रविवार को ही यहां तक पहुंचता है।जबकि अन्य दिनों में ऑक्यूपेंसी 55 से 60 फीसदी तक ही रहती है। इसके अलावा जोधपुर से साबरमती(अहमदाबाद)के बीच संचालित हो रही वंदेभारत ट्रेन में भी ऑक्यूपेंसी 50 से 55 फीसदी तक ही रहती है। हालहीं में उदयपुर से जयपुर के बीच हुई वंदेभारत टे्रन में भी यही हाल है। तीनों वंदेभारत ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी कम होने से रेलवे को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
ज्यादा किराया होना वजह
- वंदेभारत ट्रेनों में सफर से यात्रियों का मोहभंग होने की वजह महंगा किराया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर से दिल्ली कैंट का स्लीपर क्लास में नियमित टे्रन का किराया 230 रुपए से 245 रुपए है लेकिन वंदेभारत में 880 रुपए किराया लिया जा रहा है।
सुझाव मांगे थे लेकिन लागू नहीं किए
पूछताछ में सामने आया कि, देशभर में संचालित वंदेभारत टे्रनों में कम यात्रीभार के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने विभिन्न जोनल रेलवे से सुझाव भी मांगे थे। उनकी आंकलन रिपोर्ट के अनुसार नया किराया चार्ट लागू होना था लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। अगर किराए में राहत मिले तो, यात्रीभार बढ़ सकता है।
ये दिवाली तक फुल, वेंटिंग बढ़ रही
अजमेर-जम्मूतवी, आश्रम एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदाह, जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट समेत कई टे्रनें अमूमन फुल रहती है। त्योहारी सीजन में उनमें वेटिंग 200 पार हो जाती है। अभी भी कई ट्रेनों में ऐसा देखा जा रहा है। वे दिवाली तक फुल हो गई हैं। सिफारिश के बाद भी लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है