जयपुर

Agnivesh Agarwal Death : अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर सीएम भजनलाल ने कहा- अपूरणीय क्षति, अशोक गहलोत ने ​कही बड़ी बात

Agnivesh Agarwal Death : वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49 वर्ष) का न्यूयॉर्क में एक दुर्घटना में निधन हो गया। राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने का धैर्य प्रदान करें। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भी कही बड़ी बात।

3 min read
अनिल अग्रवाल पुत्र अग्निवेश अग्रवाल के साथ, सीएम भजनलाल व अशोक गहलोत। फोटो पत्रिका

Agnivesh Agarwal Death : वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49 वर्ष) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया। अनिल अग्रवाल का राजस्थान से गहरा कनेक्शन था। इस सूचना के बाद राजस्थान के दिग्गज नेताओं ने दुख प्रकट किया। प्रदेश के सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने का धैर्य प्रदान करें। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भी कही बड़ी बात।

वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि वेदांता समूह के चेयरमैन @AnilAgarwal_Ved के सुपुत्र एवं हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन रहे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन की खबर से स्तब्ध हूं। उनका असमय चले जाना एक अपूरणीय क्षति है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Electricity : राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, आयोग ने जारी किया नया आदेश

उन्होंने आगे कहा इस दुखद घड़ी में अनिल अग्रवाल और समस्त परिजनों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं! प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने का धैर्य प्रदान करें।

अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन से स्तब्ध हूं - वासुदेव देवनानी

इस अवसर पर राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि वेदांता समूह के चेयरमैन @AnilAgarwal_Ved के सुपुत्र एवं हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन रहे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन की खबर से स्तब्ध हूं। उनका असमय चले जाना एक अपूरणीय क्षति है।

इस दुखद घड़ी में अनिल अग्रवाल और समस्त परिजनों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं! प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने का धैर्य प्रदान करें।

राजस्थान में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा - अशोक गहलोत

कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि वेदांता समूह के चेयरमैन @AnilAgarwal_Ved के सुपुत्र और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन रहे अग्निवेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत व्यथित है। मात्र 49 वर्ष की आयु में उनका जाना अत्यंत दुखद है।

अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि राजस्थान में उद्योग को बढ़ावा देने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएं अनिल अग्रवाल और पूरे परिवार के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

वेदांता के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का निधन

वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49 वर्ष) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा "दुर्घटना के बाद अग्निवेश को न्यूयॉर्क में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया । इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गयी।

बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए - अनिल अग्रवाल

उन्होंने आगे कहा, आज मेरी जिंदगी का सबसे दुखद दिन है। मेरा प्यारा बेटा, अग्निवेश, हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ था, जिंदगी और सपनों से भरा हुआ था। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद, वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में ठीक हो रहा था। हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत गया है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक हृदयाघात ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया। कोई भी शब्द उस माता-पिता के दर्द को बयान नहीं कर सकता जिसे अपने बच्चे को अलविदा कहना पड़े। बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस नुकसान ने हमें इस तरह तोड़ दिया है कि हम अभी भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।

वेदांता समूह का उदयपुर के पास बड़ा निवेश

उदयपुर से अनिल अग्रवाल का गहरा संबंध है। वे वेदांता समूह के अध्यक्ष हैं और राजस्थान में खासकर उदयपुर के पास बड़ा निवेश है। जिंक का हेड ऑफिस है। उदयपुर शहर से एयरपोर्ट रोड पर जिंक का प्लांट है। जिले के जावर माइंस और राजसमंद जिले में दरीबा में माइनिंग होती है। उन्हें प्रवासी राजस्थानी के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। वे राजस्थान को अपना दूसरा घर मानते हैं। राज्य के औद्योगिक विकास में योगदान महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें

Chittorgarh : ‘नेहा तंवर’ बनी ‘धृशाप्रभा’, चिराग मुनि के आशीर्वाद से ली पूर्ण दीक्षा, पूरा पांडाल जयकारों से गूंजा

Updated on:
08 Jan 2026 11:56 am
Published on:
08 Jan 2026 11:54 am
Also Read
View All
Narmada Canal: टेल एंड तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, अब खेत नहीं रहेंगे प्यासे

राजस्थान में 2 से ज्यादा संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, भजनलाल कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

किड्स कॉर्नर: चित्र देखो कहानी लिखो 67 …. बच्चों की लिखी रोचक कहानियां परिवार परिशिष्ट (11 फरवरी 2026) के पेज 4 पर किड्स कॉर्नर में चित्र देखो कहानी लिखो 67 में भेजी गई कहानियों में अद्वैत जैन, लक्षिता खत्री ,और हृदयांश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेता रहे। इनके साथ सराहनीय कहानियां भी दी जा रही हैं।

NEET: मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों ​विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, नियमों में हुआ यह बदलाव

‘CM भजनलाल का ‘पगफेरा’ शुभ, दो साल से हो रही अच्छी बारिश’, अचानक क्यों हो रही ये चर्चा?

अगली खबर