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Jaipur News : 5 धार्मिक स्थलों समेत कई अतिक्रमणों पर ‘बुलडोज़र एक्शन’, भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात- इंटरनेट बंदी भी

जयपुर के जगतपुरा नंदपुरी अंडरपास पर जेडीए की बड़ी बुलडोजर कार्रवाई। 5 धार्मिक स्थलों को हटाने का अभियान शांतिपूर्ण शुरू। अफवाहें रोकने के लिए जयपुर के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट बंद।

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Jaipur JDA Jagatpura Encroachment Bulldozer Drive Religious Structures Netbandi

Jaipur JDA Jagatpura Encroachment Bulldozer Drive - PIC Patrika

जयपुर के 'विकास मास्टर प्लान' को धरातल पर उतारने और जगतपुरा क्षेत्र में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से आम जनता को स्थाई मुक्ति दिलाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) आज सोमवार सुबह से एक बेहद बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर क्लियरेंस अभियान चला रहा है। जगतपुरा के नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 80 फीट चौड़े सेक्टर रोड को पूरी तरह से बाधारहित और साफ करने के लिए जेडीए का प्रवर्तन दस्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद है। इस सड़क की सीमा के भीतर लंबे समय से आ रहे 5 प्रमुख धार्मिक स्थलों के ढांचों को हटाने का काम बेहद योजनाबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है, बल्कि इसके लिए पूर्व में सभी पक्षों और स्थानीय प्रबंध समितियों के साथ कई दौर की बातचीत कर आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया था। इस बेहद संवेदनशील और बड़े अभियान को देखते हुए पूरे जगतपुरा और नंदपुरी अंडरपास के आसपास के 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह से लोहे के बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति या असामाजिक तत्व कार्रवाई के क्षेत्र में प्रवेश कर कानून-व्यवस्था के लिए संकट न खड़ा कर सके।

हटाए जा रहे हैं 5 धार्मिक स्थल

जगतपुरा-महल रोड और नंदपुरी अंडरपास को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग को मास्टर प्लान के अनुसार 80 फीट चौड़ा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस मार्ग की सीमा में कुल 5 ऐसी धार्मिक संरचनाएं आ रही थीं, जिन्हें हटाए बिना सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण का काम पूरा होना तकनीकी रूप से मुमकिन नहीं था। जेडीए के दस्ता प्रमुखों के अनुसार, इन 5 ढांचों में निम्नलिखित संरचनाएं शामिल हैं:

  • 4-मंजिला नूरानी मस्जिद का ढांचा: सड़क के बीचों-बीच आ रहे इस ऊंचे पक्के निर्माण को हटाने के लिए जेडीए की विशेष पोकलेन और कटर मशीनें काम कर रही हैं।
  • 2 प्राचीन मंदिर: स्थानीय आस्था से जुड़े इन दोनों मंदिरों की मुख्य संरचनाओं और चबूतरे को हटाया जा रहा है।
  • 1 सत्संग भवन (बड़ा हॉल): सार्वजनिक सभाओं और सत्संग के लिए बने इस बड़े पक्के हॉल को ढहाया जा रहा है।
  • 1 मजार (दरगाह): सड़क मार्ग के एलाइनमेंट में आ रही इस पुरानी मजार को भी पूरी तरह से स्थानांतरित और साफ किया जा रहा है।

इस पूरी कार्रवाई का बैकग्राउंड यह है कि जेडीए ने इसी साल 22 मई को एक बड़ा अभियान चलाकर इसी नंदपुरी रोड से करीब 134 सामान्य अवैध निर्माणों, जिनमें स्थानीय लोगों के पक्के मकान, दुकानें, छज्जे और बाउंड्री वॉल शामिल थीं, उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। उस कार्रवाई के बाद जेडीए और जिला प्रशासन ने इन 5 धार्मिक स्थलों की स्थानीय प्रबंध समितियों और प्रबुद्ध नागरिकों को स्वेच्छा से अपने-अपने धार्मिक ढांचे और पवित्र विग्रहों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा (मियाद) दी थी। वह तय समय-सीमा पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही सोमवार सुबह 6 बजे से जेडीए ने पुलिस बल के सहयोग से यह सीधी विधिक कार्रवाई शुरू की है।

3,000 से अधिक सशस्त्र जवान और आरएसी की 12 कंपनियां तैनात

मामला एक ही स्थान पर एक साथ 5 अलग-अलग धार्मिक स्थलों को हटाए जाने से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा और इंटेलिजेंस के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की छोटी सी लापरवाही न बरतने की कसम खाई है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर 3000 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों, कमांडो और महिला पुलिस बल की मुस्तैद तैनाती की गई है।

इसके अतिरिक्त, किसी भी गंभीर और उग्र विरोध की स्थिति से निपटने में माहिर मानी जाने वाली राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की 12 विशेष कंपनियों को पूरे 1.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में गश्त (फ्लैग मार्च) पर लगाया गया है। नंदपुरी अंडरपास से लेकर जगतपुरा रेलवे लाइन के समानांतर बने इस पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर हथियारबंद जवान तैनात हैं। इस पूरे दायरे में आम राहगीरों, स्थानीय नागरिकों और सभी प्रकार के सामान्य वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित (रूट डायवर्ट) कर दिया गया है।

भारी मशीनों के साथ काम कर रहा है जेडीए दस्ता

जेडीए के इस महा-अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हाईटेक मॉनिटरिंग प्रणाली है। पूरे मलबे को साफ करने और अवैध ढांचों को गिराने के काम में जेडीए ने एक साथ 22 भारी मशीनें, जिनमें विशालकाय पोकलेन, जेसीबी और कटर मशीनों के साथ-साथ मलबे को तुरंत लोड करने वाले दर्जनों डंपर शामिल हैं, उन्हें काम पर लगाया है।

कार्रवाई के दौरान आसपास की कॉलोनियों की छतों या गलियों में कोई संदिग्ध भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की विशेष तकनीकी विंग द्वारा पूरे इलाके के ऊपर लगातार ड्रोन कैमरों से आसमान से पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड सीधे मौके पर बने अस्थाई कंट्रोल रूम और जयपुर पुलिस मुख्यालय को ट्रांसफर की जा रही है, जहां वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हर मिनट की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय नागरिकों के सकारात्मक सहयोग के कारण फिलहाल धरातल पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, शांत और सुचारू बनी हुई है।

मोबाइल इंटरनेट बंद: जयपुर पूर्व और उत्तर में पाबंदियां

धार्मिक स्थलों को हटाए जाने के दौरान सबसे बड़ा खतरा धरातल पर विरोध का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से दूर-दराज के इलाकों में सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाली झूठी अफवाहों का होता है। प्रशासन को इस बात के पुख्ता इनपुट थे कि कुछ असामाजिक तत्व इस तोड़फोड़ की लाइव तस्वीरें या भ्रामक वीडियो बनाकर व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम (Instagram) पर गलत दावों के साथ पोस्ट कर सकते हैं, जिससे पूरे जयपुर शहर का भाईचारा और अमन-चैन खतरे में पड़ सकता है।

इसी गंभीर खतरे को भांपते हुए संभागीय आयुक्त वे. सरवण कुमार के आदेशानुसार, जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व जिलों के अंतर्गत आने वाले 34 प्रमुख थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, बल्क एसएमएस और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर आज रात 12 बजे तक के लिए अस्थाई रूप से पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं की आवश्यक डिजिटल जरूरतों, ऑनलाइन बैंकिंग और कार्यालयों के काम को ध्यान में रखते हुए घरों व दफ्तरों में लगने वाले फिक्स्ड ब्रॉडबैंड इंटरनेट और वाई-फाई कनेक्शनों को चालू रखा गया है। साथ ही, वॉइस कॉलिंग सेवाएं भी सामान्य रूप से काम कर रही हैं।

22 जून तक धारा 163 लागू: धरना-प्रदर्शन पर रोक

जेडीए की इस सड़क निर्माण और अवैध कब्जे हटाओ कार्रवाई को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप या बाहरी विरोध के सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जयपुर पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ा कानूनी सुरक्षा कवच तैयार किया है। पूरे जगतपुरा और उसके आसपास के संवेदनशील थाना क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में देश भर में सीआरपीसी की धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

इस धारा के लागू होने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में बिना सक्षम मजिस्ट्रेट की पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी प्रकार का सार्वजनिक धरना देना, विरोध प्रदर्शन आयोजित करना, रैली या पैदल मार्च निकालना पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। साथ ही, एक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्र होने पर भी पाबंदी रहेगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह कानूनी प्रतिबंध आगामी 22 जून तक पूरी तरह से लागू रहेगा ताकि जेडीए बिना किसी व्यवधान के 80 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य धरातल पर पूरा कर सके।