
गोरधनपुरा के समीप हाईवे पर स्थापित हाईटेक बीम कैमरा, पत्रिका फोटो
Digital Traffic Monitoring: जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईटेक बीम कैमरों की तैनाती के बाद यातायात नियमों की अनदेखी अब वाहन चालकों को भारी पड़ रही है। 24 घंटे डिजिटल निगरानी के चलते सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। यही कारण है कि सीट बेल्ट उल्लंघन के मामलों में कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जिले में अब तक 15 हजार 319 ई-चालान जारी किए जा चुके हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में मौत और गंभीर चोटों को कम करने के उद्देश्य से सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में चालक अब भी इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं। जयपुर-दिल्ली हाईवे पर शाहजहांपुर से भाबरू तक कोटपूतली-बहरोड़ जिले की सीमा में 8 हाईटेक बीम कैमरे लगाए गए हैं, जबकि जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 8 कैमरे सक्रिय हैं। इनके संचालन के बाद यातायात नियम उल्लंघन के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सीट बेल्ट उल्लंघन के मामलों में अजमेर जिला 17,442 चालानों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं कोटपूतली-बहरोड़ 15,319 चालानों के साथ दूसरे और जयपुर ग्रामीण 14,409 चालानों के साथ तीसरे स्थान पर है।
अब राजमार्ग पर वाहनों की निगरानी केवल पुलिस और परिवहन विभाग तक सीमित नहीं है। टोल प्लाजा और सड़क किनारे लगे अत्याधुनिक कैमरे मिलकर वाहनों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। टोल प्लाजा पर लगे कैमरे वाहनों के दस्तावेजों की जांच करते हैं, जबकि बीम कैमरे यातायात नियमों के उल्लंघन को स्वतः रिकॉर्ड कर ई-चालान जारी करते हैं।
पहले यातायात पुलिस वाहन रोककर चालान करती थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है। कैमरे नियम उल्लंघन को रिकॉर्ड करते हैं और वाहन के पंजीकरण विवरण के आधार पर ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी हो जाता है। इसकी सूचना मोबाइल फोन पर संदेश के माध्यम से भेजी जाती है। प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से यातायात नियमों के पालन की संस्कृति विकसित होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
Updated on:
08 Jun 2026 01:03 pm
Published on:
08 Jun 2026 12:42 pm
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