Contract jobs: सवाल उठाया कि जब नियुक्ति सिर्फ पांच साल की होगी और वेतनमान 57,700 रुपए के बजाय केवल 28,500 रुपए दिया जाएगा, तो आखिरकार इसका भविष्य किसका उजडऩे वाला है?
Rajasthan politics: जयपुर। राजस्थान की उच्च शिक्षा भर्ती को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश में स्थायी भर्ती की जगह गुजरात मॉडल की तर्ज पर "शिक्षा वीर" बनाकर शिक्षकों को अग्निवीर की तरह अस्थायी रास्ते पर धकेला जा रहा है।
डोटासरा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रदेश के 376 महाविद्यालयों में 5,299 शैक्षणिक पद खाली हैं, लेकिन सरकार केवल 3,540 पदों पर ही भर्ती कर रही है और वह भी अस्थायी आधार पर। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियुक्ति सिर्फ पांच साल की होगी और वेतनमान 57,700 रुपए के बजाय केवल 28,500 रुपए दिया जाएगा, तो आखिरकार इसका भविष्य किसका उजडऩे वाला है?
कांग्रेस नेता ने विधा संबल योजना के तहत पिछले पांच साल से पढ़ा रहे 4,000 से अधिक शिक्षकों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को न तो स्थाईकरण में शामिल किया गया, न अनुभव का लाभ दिया जा रहा है और न ही बोनस अंक। इसके बावजूद सरकार ने उन्हें दरकिनार कर "शिक्षा वीर" की नई व्यवस्था थोप दी है।
डोटासरा ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने संविदा भर्ती का विरोध किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद खुद अस्थायी भर्ती लागू कर रही है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ कुठाराघात और शिक्षा व्यवस्था को गर्त में ले जाने वाला कदम बताया।
उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार को पांच साल बाद ही शिक्षकों को विदाई देनी है, तो फिर भर्ती परीक्षाओं के नाम पर युवाओं से मेहनत क्यों करवाई जा रही है? डोटासरा का कहना है कि भाजपा सरकार का यह फैसला शिक्षा जगत और युवाओं के सपनों दोनों पर गहरी चोट है।