जयपुर

गाय को टक्कर मारकर भागा वाहन चालक, ग्रामीणों ने तीन घंटे कर दिया रास्ता जाम

जयपुर जिले में दो जगहों पर गायों को लेकर बिगड़ा माहौल, रेनवाल - चौमूं में अज्ञात वाहन से गाय के कुचलने से फैला आक्रोश।

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Dec 19, 2017
Villagers Jammed the road for 3 Hours on Cow's Accident

जयपुर। प्रदेश में गौ तस्करी और गौ हत्याओं की खबर के बीच अब जयपुर जिले में भी दो जगहों पर गायों को लेकर माहौल बिगड़ गया। रेनवाल और चौमूं से सामने आए दोनों मामलों में लोगों ने प्रशासन का विरोध किया और प्रशासनिक इंतजामों की जमकर फजीहत कर डाली। रेनवाल में तो ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक रास्ता जाम कर डाला। उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे ग्रामीणों को किसी तरह से प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया और जाम खुलवाया।

वाहन की टक्कर से घायल गाय तड़पती रही, नहीं मिला इलाज -

जिले के रेनवाल कस्बे में मंगलवार सुबह एक अज्ञात वाहन ने गाय को चपेट में ले लिया। गाय को लहूलुहान हालत में तड़पता देख लोगों में आक्रोश फैल गया। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गाय के पैर बुरी तरह कुचल गए और वह उठ भी नहीं पा रही थी। पशु चिकित्सक को मौक पर बुलाया गया तो चिकित्सक ने बताया कि गाय के पैर काटने होंगे। उसके बाद तो ग्रामीण भड़क गए। सुबह करीब सवा 6 बजे हुई घटना के बाद एकत्रित हुए लोगों ने मुख्य बाजार का रास्ता रोककर आक्रोश प्रकट किया और तीन घंटे तक मुख्य बाजार में जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि न तो प्रशासन और न ही पुलिस मवेशियों के लिए काम कर रही है। आए दिन वाहनों से मवेशी घायल हो रहे हैं। उनको इलाज के लिए ले जाने तक की व्यवस्था नहीं है। यहां तक की मवेशियों की टक्कर से भी ग्रामीणों की मौत होना भी सामने आया है। इसी बात को लेकर तीन घंटे तक जाम लगाया गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अफसरों ने उनको समझाकर जाम खुलवाया। लोगों का आरोप था कि पालिका अध्यक्ष को इस बारे में सूचित करने पर भी वे मौके पर नहीं पहुंचे।

गाय की मौत पर हुआ बवाल -

उधर चौमू के वार्ड नंबर सात में भी गाय की मौत को लेकर बवाल हो गया। नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 में गोरा वाली ढाणी में मंगलवार सुबह एक गाय मृत हालात में मिली। गांव वालों ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। काफी देर तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण मौके पर जमा होना शुरु हो गए। इस बीच पालिक की ओर से एक ट्रैक्टर ट्रॉली भेजी गई। ट्रॉली गाय के शव को लेकर घूमती रही लेकिन गाय को डिस्पोज करने की जगह नहीं मिली। इस पर गुस्साए गांव वालों ने पालिका के मुख्य द्वार के बाहर ही गाय के शव को रखवा दिया। लोगों का आरोप था कि न तो पूरे कस्बे में कचरा निस्तारण की ही कोई व्यवस्था है और न ही मृत जानवरों के डिस्पोजल को लेकर कोई इंतजाम। लोगों ने पालिका के बाहर ही गाय के शव को रखवाया और उसके बाद प्रदर्शन कर लोग चले गए। लेकिन इतना होने के बाद भी गाय के शव को वहां से नहीं उठाया गया।

Published on:
19 Dec 2017 11:26 am