
बारिश में खनियाला की पाल से बाबा मंदिर तक रास्ता बन जाता है दलदल
निवाई. बारिश की बूंदें गिरते ही खनियाला की पाल से भरतरी बाबा मंदिर तक जाने वाला रास्ता दलदल में बदल जाता है। जगह-जगह पानी, घुटनों तक कीचड़ और फिसलन के बीच आवागमन ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। लंबे समय से बदहाल मार्ग से परेशान ढाणीवासियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। ग्रामीणों ने कीचड़ में खड़े होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन व ग्राम पंचायत से जल्द सीसी रोड निर्माण कराने की मांग उठाई। हनुमान योगी, छीतर योगी, विक्रम योगी, मोहनलाल योगी व पप्पू गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद मार्ग पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक जोखिम उठाकर निकलने को मजबूर हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार फिसलने के कारण वाहन चालक गिरने से भी बाल-बाल बचते हैं।
खेत जाने से लेकर मंदिर पहुंचने तक यहीं मार्ग:- ग्रामीणों ने बताया कि खनियाला की पाल से भरतरी बाबा मंदिर तक का यह रास्ता आसपास की ढाणियों के लिए रोजमर्रा के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ग्रामीण इसी रास्ते से खेतों और जरूरी कामकाज के लिए आते-जाते हैं। भरतरी बाबा मंदिर में आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं का भी आवागमन रहता है। बारिश के दिनों में कीचड़ अधिक होने से वाहन रास्ते में फंस जाते हैं। कई बार ग्रामीणों को वाहनों को धक्का देकर निकालना पड़ता है।
ग्रेवल-मिट्टी डालकर टाल रहे
ढाणीवासियों ने बताया कि मार्ग पर सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के बाद रास्ते पर मिट्टी या ग्रेवल डालकर अस्थायी राहत देने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कुछ ही समय बाद स्थिति फिर बिगड़ जाती है। हर बारिश में यही परेशानी दोहराने के बजाय अब पक्की सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए।
प्रशासन से लगाई गुहार
ढाणीवासियों ने प्रशासन एवं ग्राम पंचायत से खनियाला की पाल से भरतरी बाबा मंदिर तक सीसी रोड की स्वीकृति जारी कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से रोजाना आवागमन करने वाले ढाणीवासियों के साथ खेतों तक पहुंचने वाले किसानों और भरतरी बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो उन्हें फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
फोटोकेप्शन
एनई0908सीबी-निवाई. कीचड़ में खड़े होकर विरोध जताते ग्रामीण।