राजस्थान की छात्र राजनीति से निकलकर दिल्ली की सत्ता के गलियारों तक पहुंचने वाले विनोद जाखड़ ने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लेकिन इस नियुक्ति के साथ ही राजस्थान की सियासत में एक बार फिर सचिन पायलट का नाम तेजी से गूँजने लगा है।
कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान NSUI के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ को संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया। राजस्थान के 55 साल के छात्र राजनीति के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी नेता ने इस शिखर को छुआ है। इस नियुक्ति के तुरंत बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा किया, जिसने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।
सचिन पायलट ने विनोद जाखड़ को बधाई देते हुए लिखा, "NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर विनोद जाखड़ को नियुक्त किए जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई। छात्र हितों के मुद्दों पर आप अपनी आवाज़ बुलंद करते रहें... पार्टी की रीति-नीतियों के प्रति आपका समर्पण और संघर्षशील नेतृत्व संगठन को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।"
पायलट का यह ट्वीट केवल एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा है। जानकार इसे एक 'मेंटॉर' की अपने 'शिष्य' की कामयाबी पर खुशी के रूप में देख रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि विनोद जाखड़ और सचिन पायलट का रिश्ता कितना गहरा है।
जेल में मुलाकात: अक्टूबर 2025 में जब जाखड़ को एक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, तब सचिन पायलट खुद उनसे जेल में मिलने पहुंचे थे। उस समय पायलट ने सरकार पर 'दलित विरोधी' होने का आरोप लगाते हुए जाखड़ का खुलकर बचाव किया था।
खुला समर्थन: विनोद जाखड़ कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से सचिन पायलट को अपना आदर्श और नेता बता चुके हैं।
अरावली आंदोलन: दिसंबर 2025 में जयपुर में हुए 'अरावली बचाओ' आंदोलन में जाखड़ के बुलावे पर पायलट सड़कों पर उतरे थे, जिससे यह साफ हो गया था कि जाखड़, पायलट खेमे के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं।
सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में यह सवाल सबसे ज्यादा तैर रहा है। दरअसल, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए कई छात्र नेताओं के इंटरव्यू लिए थे। कहा जा रहा है कि पायलट ने जाखड़ के जुझारूपन और उनके 'ग्राउंड कनेक्ट' की पैरवी शीर्ष नेतृत्व के सामने मजबूती से की थी।
जातीय और क्षेत्रीय तालमेल: पायलट (गुर्जर) और जाखड़ (जाट/दलित चेहरा) की जोड़ी को कांग्रेस राजस्थान में एक 'अभेद दुर्ग' के रूप में देख रही है।
यह चर्चा भी जोरों पर है कि राजस्थान से अशोक गहलोत और खुद सचिन पायलट जैसे दिग्गज भी अपने छात्र जीवन में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक नहीं पहुँच पाए थे। विनोद जाखड़ की इस उपलब्धि ने राजस्थान का कद राष्ट्रीय राजनीति में बहुत ऊँचा कर दिया है।