Heatwave IMD Yellow Alert: राजस्थान में मौसम अब करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में लू के साथ धूलभरी आंधी चलने और तापमान बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
Today Weather Update: राजस्थान में भीषण गर्मी के दौर के चलते श्रीगंगानगर में बुधवार को पारा 43.7 डिग्री पहुंच गया। मौसम केंद्र, जयपुर के अनुसार चित्तौड़गढ़ में 42.6, चूरू में 42.4 और कोटा में 42.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
वहीं विभाग ने आगामी दो-तीन दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री बढ़ोतरी की संभावना जताई है। साथ ही जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी है। साथ ही 3 दिन तक 20 जिलों में लू चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग ने 24 अप्रेल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में उष्ण लहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं 25 अप्रेल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, फलौदी, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, बालोतरा, कोटा, जयपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में उष्ण लहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
जिसके बाद 26 अप्रेल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, फलौदी, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, बालोतरा, कोटा, जयपुर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में उष्ण लहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे स्कूली बच्चों को तीन दिन बाद राहत मिलेगी। जयपुर के जिला कलक्टर ने बुधवार को सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों का समय बदलने के आदेश जारी किए हैं। जिसके अनुसार अब कक्षा प्री-प्राइमरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगे। नई व्यवस्था 27 अप्रेल से लागू होगी।
आदेश के अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों और अन्य परीक्षाओं का समय यथावत रहेगा। वहीं, सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की अवहेलना करने पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पत्रिका ने बुधवार के अंक में ‘कलक्टर अंकल... हर दिन अग्निपरीक्षा है, इस तपन से बचाइए’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बच्चों की परेशानी प्रमुखता से उठाई थी। इसमें बताया गया था कि 40 डिग्री से अधिक तापमान में बच्चे दोपहर 2 बजे तक घर लौटने को मजबूर हैं। खबर के बाद जिला कलक्टर ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर यह निर्णय लिया।