
Rajasthan Transfer News: राजस्थान में तबादला नीति वर्षों से फाइलों में अटकी है। नतीजा यह है कि तबादलों से पाबंदी हटते ही कर्मचारियों को नेताओं और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी व्यवस्था के बीच 'सेवा', 'मिठाई और तबादलों के बदले पैसों के आरोपों से जुड़े कई चर्चित मामले पिछले वर्षों में मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच चुके है। मौजूदा भजनलाल सरकार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के सरकारी आवास पर एक व्यक्ति मिठाई के डिब्बे में रुपए छोड़ गया था। दिलावर से इसे अपने जीवन की सबसे खराब घटना बताया था।
वहीं, पूर्ववर्ती सरकार में शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों के लिए पैसे देने पड़ते हैं। इस पर कई शिक्षकों ने एक स्वर में 'हां' कहा था। हाईकोर्ट 35 वर्ष पहले तबादला नीति बनाने के निर्देश दे चुका है। 25 वर्ष पहले प्रशासनिक सुधार आयोग भी पारदर्शी व्यवस्था की सिफारिश कर चुका है। तीन सरकारों में कई बार ड्राफ्ट बने, सुझाव लिए और वादे हुए, लेकिन नीति लागू नहीं हो सकी।
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए 16 दिन के लिए तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार 19 जून से 5 जुलाई 2026 तक तबादलों की अनुमति रहेगी। इस दौरान विभिन्न विभागों में स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि, इस बार भी कुछ विभागों को राहत नहीं मिली है। मानसून को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों और डॉक्टरों पर तबादला प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा। शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी अध्यापकों को भी इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।