
डिजायर मंदिर और विधायक अतुल भंसाली। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। ट्रांसफर सीजन शुरू होते ही जोधपुर में एक अनोखी पहल चर्चा का विषय बन गई है। शहर विधायक अतुल भंसाली ने अपने कार्यालय में 'डिजायर मंदिर' बनाया है, जहां ट्रांसफर की इच्छा रखने वाले कर्मचारी अब सीधे प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी अर्जी डाल रहे हैं। मंदिर में श्रीराम की तस्वीर के सामने एक विशेष बॉक्स रखा गया है, जिसमें कर्मचारी, उनके समर्थक और कार्यकर्ता अपनी ट्रांसफर संबंधी प्रार्थना-पत्र डाल रहे हैं। सरकार की ओर से 5 जुलाई तक ट्रांसफर बैन हटाने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी उनके पास अनुशंसा के लिए पहुंच रहे थे। लगातार बढ़ती भीड़ और जनता के अन्य कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था की गई।
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भंसाली ने कहा कि यदि दिनभर कर्मचारियों की डिजायर ही सुनता रहूं तो आमजन की समस्याएं कब सुलझाऊंगा। मैं ट्रांसफर आदेश जारी नहीं करता, केवल लोगों की बात राजस्थान सरकार और संबंधित मंत्री तक पहुंचाने वाला डाकिया हूं। अंतिम निर्णय नियमों और सरकार की प्रक्रिया के अनुसार ही होता है। उन्होंने बताया कि करीब दस वर्ष पहले उनके काका और पूर्व विधायक स्वर्गीय कैलाश भंसाली के समय से ही वे इस व्यवस्था को करीब से देखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने भी हमेशा डिजायर की बीमारी से दूर रहने की सलाह दी है।
भंसाली ने कहा कि मैं इस परंपरा के खिलाफ हूं। सबको चरित्र प्रमाण पत्र नहीं दे सकता हूं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारियों का मनचाहा स्थानांतरण संभव नहीं है। सभी सरकारी कर्मचारी जोधपुर आ जाए, यह संभव नहीं है। तबादले पूरी तरह नियमों, पात्रता, प्राथमिकता और प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी की डिजायर सरकार तक पहुंचा सकता हूं। नियमों के दायरे में ट्रांसफर होते है, वरीयता, प्राथमिकता का ध्यान रखा जाता है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर लगी रोक में राहत देते हुए 5 जुलाई तक स्थानांतरण करने की अनुमति दे दी है। लंबे समय से तबादला सूची को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जारी आदेश के बाद अब विभिन्न विभागों में तबादला प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। यह व्यवस्था राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू रहेगी। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि तबादलों में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए। कैंसर, हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों के मामलों पर विशेष रूप से विचार किया जाएगा।
Updated on:
24 Jun 2026 02:40 pm
Published on:
24 Jun 2026 02:35 pm
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