
Rajasthan Model Kusum Sain: कहा जाता है कि बड़े सपने देखने के लिए किसी बड़े शहर या आलीशान इमारत की जरूरत नहीं होती। हौसले अगर बुलंद हों, तो गांव की पगडंडियां भी अंतरराष्ट्रीय फैशन रैंप का रास्ता बन जाती हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में राजस्थान की एक ऐसी ही बेटी की कहानी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने रूढ़िवादी सोच और सीमित संसाधनों को मात देकर एक नया मुकाम हासिल किया है।
हम बात कर रहे हैं कुसुम सैन की। वही कुसुम, जिनकी एक वीडियो ने रातों-रात उनकी किस्मत बदल दी। आज कुसुम न सिर्फ फैशन और मॉडलिंग की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम हैं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल भी बन चुकी हैं।
राजस्थान के एक बेहद साधारण और गांव में जन्मी कुसुम सैन का बचपन आम बच्चों की तरह ही बीता। लेकिन उनकी आंखों में पल रहे सपने गांव की सीमाओं से कहीं बड़े थे। शुरुआत में कुसुम का रुझान खेलकूद की तरफ था। वे एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने का ख्वाब देखती थीं और मैदान पर चौके-छक्के लगाकर देश का नाम रोशन करना चाहती थीं।
हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ कुसुम को अपनी एक और छिपी हुई प्रतिभा का अहसास हुआ। उन्हें आईने के सामने खड़े होना, सजनी-संवरना और कैमरे के सामने खुद को एक्सप्रेस करना बेहद पसंद था। धीरे-धीरे उन्हें समझ आ गया कि उनका असली ठिकाना खेल का मैदान नहीं, बल्कि ग्लैमर की दुनिया है।
इस मोड़ पर सबसे खास बात यह रही कि जहां ग्रामीण इलाकों में लड़कियों के ऐसे सपनों को दबा दिया जाता है, वहीं कुसुम के माता-पिता उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़े हुए। उन्होंने समाज के तानों की परवाह किए बिना अपनी बेटी को खुलकर जीने और आसमान छूने की पूरी आजादी दी।
कुसुम जब स्कूल में पढ़ रही थीं, तभी उन्होंने ठान लिया था कि वे मॉडलिंग में ही अपना करियर बनाएंगी। लेकिन एक छोटे से गांव में रहते हुए यह सब इतना आसान नहीं था। न तो उनके पास कोई प्रोफेशनल कैमरा था, न बढ़िया बैकग्राउंड और न ही कोई स्टूडियो या लाइट्स। मगर जिसके पास कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, उसे भला कौन रोक सकता है? कुसुम ने अपने घर की छत को अपना पहला 'रैंप वॉक ट्रैक' बनाया। वे खुद ही तैयार होतीं, छत के एक कोने में मोबाइल टिकातीं और आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक करतीं।
शुरुआत में जब पड़ोसियों और गांव के लोगों ने एक लड़की को इस तरह छत पर अकेले चलते और वीडियो बनाते देखा, तो उन्होंने इसका खूब मजाक उड़ाया। लोगों को समझ नहीं आता था कि आखिर इस 'मोबाइल वीडियो' से क्या हासिल होने वाला है। तरह-तरह के ताने और आलोचनाएं कुसुम के कानों तक भी पहुंचती थीं, लेकिन उन्होंने नकारात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने दिया।
कहते हैं कि निरंतरता कभी बेकार नहीं जाती। कुसुम लगातार अपनी छत से रैंप वॉक की रील्स सोशल मीडिया पर अपलोड करती रहीं और फिर आया वह दिन, जिसने उनके पूरे जीवन की दिशा और दशा को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया।
कुसुम का एक रैंप वॉक वीडियो सोशल मीडिया की बदौलत अचानक वायरल हो गया। देखते ही देखते उस वीडियो पर व्यूज का अंबार लग गया और उसने 40 मिलियन (4 करोड़ से अधिक) व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया। यह कोई छोटी बात नहीं थी। राजस्थान के एक पिछड़े इलाके की लड़की का टैलेंट करोड़ों लोगों के मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच चुका था।
इस एक वीडियो की सफलता के बाद नजारा पूरी तरह बदल गया। जो लोग कल तक कुसुम के काम को 'समय की बर्बादी' कहकर उसका मजाक उड़ाते थे, आज वे उनके साथ सेल्फी लेने और उनके माता-पिता को बधाई देने के लिए कतार में खड़े नजर आने लगे।
वायरल होने के बाद कुसुम के पास ऑफर्स की बाढ़ आ गई। उनकी ग्रेसफुल वॉक और गजब के कॉन्फिडेंस को देखकर फैशन इंडस्ट्री के दिग्गजों ने उनसे संपर्क करना शुरू किया। आज के समय में कुसुम के सफर के मुख्य पड़ाव कुछ इस प्रकार हैं। देश के कई नामी फैशन और ब्यूटी ब्रांड्स आज कुसुम के साथ काम कर रहे हैं और उनके जरिए अपने प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करा रहे हैं।
कुसुम सिर्फ सोशल मीडिया स्टार नहीं रह गई हैं, बल्कि वे कई रीजनल और हिंदी पॉपुलर म्यूजिक वीडियो में मुख्य अभिनेत्री के तौर पर नजर आ चुकी हैं। जो सफर घर की कच्ची छत से शुरू हुआ था, वह अब देश के बड़े-बड़े शहरों में आयोजित होने वाले प्रोफेशनल फैशन शोज के चमचमाते रैंप तक पहुंच चुका है।
आज कुसुम अच्छा-खासा पैसा कमा रही हैं और पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं। लेकिन उनके पैर आज भी जमीन पर हैं। कुसुम का मानना है कि सफलता का मतलब केवल लाखों फॉलोअर्स या करोड़ों व्यूज पा लेना नहीं है। उनके लिए सफलता की असली परिभाषा यह है कि आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं और उस परिवार का आर्थिक सहारा बन पा रही हैं, जिसने बुरे वक्त में उनका साथ कभी नहीं छोड़ा। अपने माता-पिता के चेहरे पर गर्व की मुस्कान देखना ही कुसुम के लिए सबसे बड़ा अवॉर्ड है।
इतनी कम उम्र में इस मुकाम तक पहुंचने के बाद भी कुसुम को लगता है कि उन्होंने अभी सिर्फ अपनी पहली सीढ़ी चढ़ी है। उनका कहना है कि वे भविष्य में बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। राजस्थान की मिट्टी से उठकर फैशन की दुनिया तक पहुंचने वाली कुसुम सैन की यह कहानी हर उस युवा के लिए एक खुली सीख है, जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। कुसुम ने साबित कर दिया है कि अगर आपके भीतर साहस, धैर्य और खुद पर अटूट भरोसा हो, तो दुनिया की कोई भी दीवार आपके सपनों को उड़ान भरने से नहीं रोक सकती।