Motivational Story: राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों में यूपी के प्रयागराज की मधुलिका यादव ने दूसरे प्रयास में 205.5 अंक हासिल कर RJS में पहला स्थान प्राप्त किया है।
RJS 2025 Topper Madhulika Yadav: राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। यूपी के प्रयागराज की रहने वाली मधुलिका यादव ने RJS 2025 में 205.5 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि पहले अटेम्प्ट में प्री-एग्जाम भी क्लियर नहीं कर पाने वाली मधुलिका ने दूसरे प्रयास में टॉप कर सभी को प्रेरणा दी है।
मधुलिका यादव उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उनके पिता चंद्रशेखर यादव यूपी न्यायिक सेवा में जज रह चुके हैं। मधुलिका ने बताया कि यह उनका दूसरा अटेम्प्ट था। पहले प्रयास में वह प्री-एग्जाम भी क्लियर नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे मनोयोग से दोबारा तैयारी की। इसी मेहनत का नतीजा रहा कि दूसरे अटेम्प्ट में ही उन्होंने पूरे राजस्थान में पहला स्थान हासिल कर लिया।
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने शुक्रवार को सिविल जज कैडर-2025 सीधी भर्ती के अंतिम परिणाम घोषित किए। इस भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन किया। कुल 44 चयनित पदों में से 28 पदों पर महिलाओं का चयन हुआ है। यह भर्ती राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 के तहत आयोजित की गई थी।
हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार, साक्षात्कार के लिए कुल 136 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें से 44 उम्मीदवारों का अंतिम चयन हुआ। मेरिट सूची में महिलाओं का दबदबा साफ दिखाई दिया। सभी श्रेणियों में महिला उम्मीदवारों का निर्धारित कोटा पूरा होने के कारण अलग से महिला कट-ऑफ जारी नहीं की गई।
RJS 2025 की मेरिट लिस्ट में टॉप-10 में से 9 स्थान महिलाओं ने हासिल किए।
पहला स्थान: मधुलिका यादव (प्रयागराज)
दूसरा स्थान: प्रज्ञा गांधी
तीसरा स्थान: अंबिका राठौड़
चौथा स्थान: आकांक्षा विशोक
पांचवां स्थान: मुस्कान गर्ग
छठा स्थान: भरत जांगड़ा
सातवां स्थान: दीक्षा राज
आठवां स्थान: भव्या पोखरियाल
नौवां स्थान: प्रकृति घाटिया
दसवां स्थान: साक्षी शर्मा
सामान्य वर्ग: 190.5 अंक
अनुसूचित जाति: 146 अंक
अनुसूचित जनजाति: 157.5 अंक
ओबीसी/एमबीसी-एनसीएल: 168 अंक
ईडब्ल्यूएस: 182 अंक
दिव्यांग (लोकोमोटिव): 135 अंक
दिव्यांग (दृष्टिबाधित): 141.5 अंक