
जयपुर। कांग्रेस ने नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन बांसवाड़ा लोकसभा सीट से अर्जुन बामनिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया। लेकिन जब उनकी जगह कांग्रेस के अरविंद डामोर ने नामांकन दाखिल किया तो सभी हैरान रह गए। इसके बाद से आम लोगों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ। इस राज से आज (5 मार्च) खुद राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पर्दा उठाया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने अर्जुन बामनिया को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह बाहर थे और दोपहर 3 बजे से पहले बांसवाड़ा नहीं पहुंच पाते तो नामांकन से वंचित हो सकते थे। इसलिए अरविंद डामोर को नामांकन दिया गया।
उन्होंने बताया कि बांसवाड़ा-डूंगरपुर से अर्जुन बामनिया और अरविंद डामोर दोनों टिकट के दावेदार थे। अर्जुन बामनिया थोड़ा दूर थे। तीन बजे तक नहीं पहुंच सके तो हमें प्रत्याशी उतारना पड़ा। इसलिए अरविंद डामोर ने नामांकन भरा।
भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के साथ गठबंधन की संभावना के सवाल पर डोटासरा ने कहा कि इसका फैसला पार्टी आलाकमान को करना है। पार्टी आलाकमान ने गठबंधन की घोषणा नहीं की है, इसलिए वहां उम्मीदवार उतारा गया है। पार्टी आलाकमान आगे की रणनीति भी तय करेगा।
चर्चा थी कि बीएपी कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। लेकिन गठबंधन पर चर्चा विफल रही। अब इस लोकसभा सीट पर बीजेपी के महेंद्रजीत सिंह और बीएपी के राजकुमार के बीच सीधा मुकाबला होगा। कांग्रेस प्रत्याशी को अर्जुन बामनिया के रूप में देखा जा रहा था और यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की चर्चा थी। पर ऐसा हुआ नहीं। अब चुनाव में बीजेपी से महेंद्रजीत सिंह मालवीया और बीएपी से राजकुमार रोत एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने जा रहे हैं।