जयपुर

Pachpadra Refinery : पचपदरा रिफाइनरी में लगा है बुर्ज खलीफा से 5 गुना कंक्रीट, एफिल टॉवर से 40 गुना ज्यादा लोहा, जानें रोचक बातें

Pachpadra Refinery : पचपदरा रिफाइनरी देश-दुनिया के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? इसके निर्माण में बुर्ज खलीफा से 5 गुना कंक्रीट और एफिल टॉवर से 40 गुना ज्यादा लोहा लगा है। और कई रोचक बातें हैं, जानिए।
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Pachpadra Refinery : पीएम मोदी 4 जुलाई को पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। फोटो पत्रिका

Pachpadra Refinery : राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी ऐसे समय में बन कर शुरू हो रही है जब दुनिया के पश्चिमी देशों में और चीन में रिफाइनरियों का विभिन्न कारणों से उत्पादन कम हो रहा है। पचपदरा की 9 मिलियन टन प्रतिवर्ष रिफाइनिंग और 2.4 मिलियन टन प्रतिवर्ष पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता की रिफाइनरी वैश्विक रिफाइनरी क्षमता को बढ़ाएगी और भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से यह ग्रीनफील्ड पेट्रोकेमिकल एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश में पिछले एक दशक में स्थापित पहली रिफाइनरी-कम कॉम्प्लेक्स है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 4 जुलाई को इसका उ‌द्घाटन करेंगे। इससे पहले 2016 में पारादीप रिफाइनरी कमिशन की गई थी।

12 जून को शुरू हो गई थी प्रोसेसिंग

एचआरआरएल ने पिछले 12 जून को कच्चे तेल को प्रोसेस करना शुरू किया। वर्तमान में सीडीयू/वीडीयू, डीसीयू, डीएचडीटी और एचजीयू इकाइयों का संचालन शुरू हो चुका है। वहीं पीएफससीसीयू, एमएस ब्लॉक एवं वीजीओ कमिशनिंग के एडवांस स्टेज में हैं। सीडीयू/वीडीयू से नैफ्था, एलपीजी का उत्पादन शुरू हो गया है।

विश्वस्तरीय पैमाने पर बना प्रोजेक्ट

रिफाइनरी के निर्माण में एफिल टावर से चालीस गुना ज्यादा लगभग 3 लाख मीट्रिक टन स्टील, बुर्ज खलीफा से पांच गुना ज्यादा 16 लाख घन मीटर कंक्रीट तथा गिजा के पिरामिडों से छह गुना ज्यादा करीब 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई। परियोजना में 28 हजार किलोमीटर केबल बिछाई गई है, जो पृथ्वी के दो चक्कर लगा सकती है। रिफाइनरी में 125 मीटर ऊंचा कोक डोम स्थापित किया गया है जो गोल गुंबज से तीन गुना बड़ा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह रिफाइनरी?

पुरी ने बताया कि अमरीका में लुसियाना में गैरीविले रिफाइनरी के बाद से 50 साल में बड़ी रिफाइनरी नहीं बनी है। वहीं आइइए के अनुमान के अनुसार 2030 तक 1 से 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्षमता कम होने की आशंका है। एक अन्य अनुमान के अनुसार 2035 तक विश्वभर में कई रिफाइनरियां बंद होने के दायरे में हैं, जो यूरोप के लिए चुनौती है। चीन के शानडोंग प्रोविंस में टैक्स और कम मार्जिन के चलते टीपॉट रिफाइनर्स के 500 हजार बैरल प्रतिदिन की क्षमता के संयंत्र बंद होने की स्थिति में हैं।

4 जुलाई को राजस्थान आएंगे पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई की सुबह 11.45 बजे जोधपुर पहुंचकर शहर के बहुप्रतीक्षित नए एयरपोर्ट टर्मिनल का रिमोट से बटन दबाकर लोकार्पण करेंगे। इसी दौरान क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान-2’ का भी शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे।

Published on:
03 Jul 2026 07:36 am