
मुंबई. श्री ठाकुरद्वार जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में श्रीपती ज्वेल्स पर्ल ई-विंग स्थित आदेश्वर भवन में आयोजित चातुर्मासिक धर्मसभा में विराजित साध्वी भव्यगुणा ने कहा कि भगवान पाश्र्वनाथ श्रद्धा, भक्ति और करुणा के सर्वोच्च केंद्र हैं। उनके नाम का स्मरण करने से मनुष्य की आधि, व्याधि और उपाधि दूर होती है तथा आत्मा को शांति, समाधि और मोक्षमार्ग की प्रेरणा प्राप्त होती है। साध्वी भव्यगुणा ने कहा कि भगवान पाश्र्वनाथ के साथ जुड़ा परम पुरुषादानी विशेषण उनकी महान आध्यात्मिक महिमा का प्रतीक है। उन्होंने नाग-नागिन को नवकार महामंत्र का उपदेश देकर देवत्व का मार्ग दिखाया तथा धरणेन्द्र और नागेन्द्र का संरक्षण प्राप्त किया। ललित जैन ने बताया कि साध्वीवृंद के सान्निध्य में रविवार प्रात: शंखेश्वर पाश्र्वनाथ महापूजन का आयोजन होगा, जिसका लाभ पोपटलाल विपुल कुमार जैन ने लिया। प्रात: बियासणा का लाभ मफीबाई ताराचंद भंसाली तथा सायंकाल बियासणा का लाभ प्यारी बाई प्रेमचंद डोशी हाडेचा ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र जैन ने किया। इस अवसर पर चंदन भंसाली, दिनेश कुमार, हितेश कुमार, पवनी देवी और टीना भंसाली सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।