रक्तदान ही जीवनदान है, इस संदेश का मर्म सीमांत जैसलमेर के बाशिंदों विशेषकर युवाओं ने आत्मसात कर लिया है और यह अब उनके संस्कार में शामिल हो गया है।
इस साल विश्व रक्तदाता दिवस 2025 की थीम है 'रक्त दें, उम्मीद दें, साथ मिलकर जीवन बचाएं। रक्तदान ही जीवनदान है, इस संदेश का मर्म सीमांत जैसलमेर के बाशिंदों विशेषकर युवाओं ने आत्मसात कर लिया है और यह अब उनके संस्कार में शामिल हो गया है। वे अपने जन्मदिन से लेकर किसी भी यादगार अवसर पर स्वेच्छा से रक्तदान करने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा जब भी किसी मरीज या प्रसूता के लिए रक्त की आवश्यकता होती है, वे सोशल मीडिया के संदेश या एक कॉल पर कुछ मिनटों में हाजिर हो जाते हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में करीब 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम व मोबाइल नम्बर रजिस्टर में सूचीबद्ध है। जिन्हें कभी भी जरूरत के समय कॉल कर रक्तदान के लिए बुला लिया जाता है। वैसे किसी जमाने में जैसलमेर में रक्त की व्यवस्था करना बहुत मुश्किल कार्य हुआ करता था और आज जैसलमेर में वर्ष पर्यंत विभिन्न संस्थाओं व व्यक्तियों की ओर से रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं व लोग भी जब-तब रक्तदान करने पहुंच जाते हैं, जिससे ब्लड बैंक में प्रत्येक समय रक्त की उपलब्धता रहती है। जवाहिर चिकित्सालय के रक्तकोष में सामान्यत: पॉजिटिव ग्रुप का रक्त हर समय उपलब्ध रहता है और उसके बदले में रक्तदान करने वालों की कोई कमी नहीं है। पहले जहां कुछ ही स्वैच्छिक रक्तदाता थे, जब भी रक्त की जरूरत रहती, चिकित्साकर्मी उनकी ओर देखते क्योंकि अन्य लोगों में रक्त लेने के बदले रक्त देने में भी झिझक रहती थी, अब वह बात अब पुरानी हो गई है। वर्तमान में स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों की जैसलमेर में एक पूरी पीढ़ी तैयार हो गई है। जिन्हें जैसे ही मोबाइल पर कॉल या संदेश मिलता है, वे तुरंत अस्पताल के ब्लड बैंक में हाजिर हो जाते हैं। जैसलमेर के कई रक्तदाता तो जीवन में 50 से ज्यादा बार रक्तदान कर जिला ही नहीं राज्य स्तर तक सम्मानित हो चुके हैं।
जैसलमेर में रक्तदान करने के प्रति लोगों में विगत वर्षों से लगातार जागरुकता में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध मिलता है। विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदाताओं से आग्रह है कि वे अधिकाधिक संख्या में अस्पताल पहुंच कर रक्तदान करें।