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न्यूनतम पारा @ 3.3…सीकर के बाद प्रदेश में दूसरा सबसे ठंडा शहर जैसलमेर

मरुस्थलीय जैसलमेर इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में आ गया है। गुरुवार को मौसम ने और करवट ली तथा न्यूनतम तापमान इस सीजन के सबसे निचले स्तर 3.3 डिग्री सेल्सियस तक लुढक़ गया।

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मरुस्थलीय जैसलमेर इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में आ गया है। गुरुवार को मौसम ने और करवट ली तथा न्यूनतम तापमान इस सीजन के सबसे निचले स्तर 3.3 डिग्री सेल्सियस तक लुढक़ गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 17.8 डिग्री तक सिमट गया। राजस्थान भर में जैसलमेर शहर सीकर के बाद सबसे ठंडा साबित हुआ। सीकर में न्यूनतम पारा 2.5 डिग्री तक गिरा है। जैसलमेर से हिल स्टेशन माउंट आबू सहित प्रदेश के अन्य जिले सर्दी के मामले में पिछड़ गए। यहां सुबह और रात की ठंड के साथ अब दिन में भी सर्द हवाओं का असर साफ नजर आने लगा है।

ठिठुरन भरी हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और आमजन को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं के साथ शुरू हुई। सूरज निकलने के बाद भी ठंड का असर कम नहीं हुआ। दिनभर चली तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। बाजारों में आम दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही। आठवीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी किए जाने से उनके साथ अभिभावकों ने अवश्य राहत की सांस ली लेकिन इससे ऊपरी कक्षाओं के विद्यार्थी और अलसुबह घर निकलने वाले अन्य लोगों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए ठंडी हवा किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रही।

शहर से गांवों तक शीतलहर का असर

शीतलहर का असर ग्रामीण इलाकों में और अधिक देखने को मिला। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर ठंड से बचाव के लिए देर से घरों से निकले। पशुपालक भी अलसुबह मवेशियों को बाहर निकालने से परहेज करते नजर आए। सर्दी से बचाव के लिए गांवों और शहर दोनों जगह जगह-जगह अलाव जलाए गए। सर्दी एकदम से बढऩे के कारण ऊनी कपड़ों, जैकेट, कंबल और हीटर की मांग भी तेजी से बढ़ी है। वहीं चाय, कॉफी और गर्म खाद्य पदार्थों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में कड़ाके की सर्दी का असर बना रह सकता है। शीतलहर और तीखी हो सकती है। ऐसे में जैसलमेरवासियों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।