खुहड़ी थाना क्षेत्र में युवक के कथित अपहरण और पीट-पीटकर हत्या के मामले में बुधवार को भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण जवाहिर चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर डटे रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक न तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न ही शव उठाया जाएगा।

Jaisalmer crime NewsVideo: दूसरे दिन भी नहीं उठाया शव, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग जैसलमेर. जिले के खुहड़ी थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक का अपहरण के बाद पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मामले में परिवारजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में बुधवार को जैसलमेर के जवाहिर चिकित्सालय के मोर्चरी के बाहर जमे रहे। उनका कहना है कि, जब तक मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक वे न तो पोस्टमार्टम करवाएंगे और न ही शव उठाएंगे।
मृतक युवक महावीर सिंह के पिता गोरधनसिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने इस मामले में म्याजलार थानाधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इस हत्या प्रकरण में आरोपियों के साथ उनकी मिलीभगत रही है। दूसरी ओर पुलिस की तरफ से इस मामले में लगातार नाकाबंदी करने के साथ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। उपअधीक्षक रूपसिंह इंदा का म्याजलार में कैैम्प किया गया है और वे जांच प्रक्रिया की सीधी निगरानी रख रहे हैं। इंदा ने बताया कि जांच सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पीडि़त पक्ष ने इस मामले में नामजद रिपोर्ट सौंपी है और पुलिस ने भी उन्हें टे्रस किया है। अब उनकी तलाश की जा रही है। उपअधीक्षक ने बताया कि शहर कोतवाली और खुहड़ी के थानाधिकारी ने बुधवार को दिन में कई बार मोर्चरी के बाहर बैठे परिजनों और अन्य लोगों के साथ बातचीत की। उनसे कहा गया कि वे पोस्टमार्टम करवाएं ताकि जांच परिणाम सटीक आएं।
इधर बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय के मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में परिवारजन और ग्रामीण धरना देकर बैठे रहे। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी उनसे बातचीत करने पहुंचे और भरोसा दिलाया कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। धरना दे रहे ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के साथ म्याजलार थानाधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की ओर से उनकी सुध नहीं ली जा रही है। उनका कहना है कि यह सारा वाकया षडय़ंत्रपूर्वक किया गया है। इसमें पुलिस भी शामिल है। पुलिस ने वाहन जब्त किया, जिसके कारण महावीर सिंह मोटरसाइकिल से गांव जाने को विवश हुआ और उसके पिता गोरधनसिंह बस से गांव गए। रास्ते में आरोपियों ने महावीर सिंह पर हमला कर दिया। गौरतलब है कि गत मंगलवार को महावीर सिंह अपने साथी भोपाल सिंह के साथ जैसलमेर से मोटरसाइकिल से गांव जा रहा था। भोपाल ङ्क्षसह ने बताया कि आसलोई से आगे निकलने पर पीछे से 3 कैम्पर गाडिय़ां आई। उन्होंने बाइक को टक्कर मारी, जिससे वे दोनों सडक़ पर गिर गए। भोपालङ्क्षसह ने बताया कि उसे गाड़ी में डाल कर दव फांटा ले जाकर छोड़ा और मोबाइल छीन लिया तथा कहा कि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। वहीं महावीर सिंह के साथ लाठी-डंडों आदि से मारपीट की गई। बदमाशों ने महावीर के साथ मारपीट करने के बाद उसे गाड़ी में डाल दिया और बाद में सोडा गांव के पास सडक़ किनारे पटक दिया। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्वरूप सिंह ने बताया कि महावीर गंभीर हालत में सडक़ पर पड़ा था और तड़पते हुए पानी मांग रहा था। ग्रामीणों ने घायल महावीर सिंह को अपने वाहन से जैसलमेर अस्पताल पहुंचाया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और अन्य ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। महावीर के पिता गोरधनसिंह ने हमीर सिंह और अन्य करीब 15 जनों पर महावीरसिंह की हत्या करने का आरोप लगाया है।