
नाचना ( जैसलमेर). थाना क्षेत्र में भारेवाला पुलिस चौकी से करीब 19 किलोमीटर दूर एमकेडी सेकंड नहर के दसवाले खाले के पास हिरण के अवशेष मिलने के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा (जेसी) में भेज दिया। मामले की जांच जारी है। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी उत्तमाराम और नाचना थानाधिकारी सुमेरदान पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल पर गड्ढे से हिरण की खाल तथा अन्य अवशेष बरामद किए। इसके बाद ग्रामीणों की निशानदेही और प्रारंभिक जांच के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान सदर खान और शैतानाराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद उनके ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से मृत हिरण के अवशेष तथा शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। बरामद सामग्री को जब्त कर जांच में शामिल किया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी उत्तमाराम ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। उनके कब्जे से हिरण के अवशेष और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद हुए हैं। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को पोकरण स्थित एसीजेएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वन विभाग मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।
ग्रामीणों ने चोरों का पीछा किया, वे केबल छोड़ भागे, अब तक दर्ज नहीं मामलालाठी. कस्बे में चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगने से अपराधियों के हौसले बढ़े हैं। गुरुवार देर रात चोरों ने मदरसे के पीछे स्थित सरकारी नलकूप को निशाना बनाते हुए उसकी केबल चोरी करने का प्रयास किया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की सजगता के चलते चोर अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके। ग्रामीणों ने पीछा किया तो वे चोरी की गई केबल रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों की सतर्कता से सरकारी संपत्ति को नुकसान होने से बच गया। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व भी कस्बे में ईदगाह स्कूल के पास स्थित सरकारी नलकूप की केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गए थे। लगातार सरकारी नलकूपों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि नलकूपों की केबल चोरी होने से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है और विभाग को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। दोनों घटनाओं के बावजूद जलदाय विभाग की ओर से अभी तक लाठी थाने में किसी प्रकार की शिकायत अथवा मामला दर्ज नहीं करवाया गया है। इसके चलते पुलिस के स्तर पर भी चोरों तक पहुंचने के लिए जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग से चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस में मामला दर्ज करवाने तथा नलकूपों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने तथा सरकारी नलकूपों को निशाना बनाने वाले चोरों का पता लगाकर कार्रवाई करने की अपील की है।