जैसलमेर

Jaisalmer: दोहरीकरण से बदला रूणिचा एक्सप्रेस का मार्ग, 44 फेरे परिवर्तित रूट पर

रामदेवरा. फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के चलते दिल्ली-जैसलमेर रूणिचा एक्सप्रेस का मार्ग बदलेगा। 12 अगस्त से 24 सितंबर तक ट्रेन के 44 फेरे परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगे। इस दौरान ट्रेन रेवाड़ी से अलवर, बांदीकुई, दौसा और जयपुर होकर जैसलमेर पहुंचेगी, रींगस नहीं जाएगी।
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Aug 11, 2026
ramdevra jaisalmer
रामदेवरा रेलवे स्टेशन। 

रामदेवरा. फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के चलते दिल्ली-जैसलमेर रूणिचा एक्सप्रेस का संचालन करीब डेढ़ महीने तक बदले मार्ग से होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में कुंड-पाली-खोरी स्टेशनों के बीच नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते 12 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक ट्रेन के 44 फेरे परिवर्तित मार्ग से संचालित किए जाएंगे। जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, ट्रेन संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर एक्सप्रेस निर्धारित रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा मार्ग के बजाय रेवाड़ी से अलवर, बांदीकुई, दौसा, गांधीनगर जयपुर, जयपुर और फुलेरा होकर जैसलमेर पहुंचेगी। इस अवधि में ट्रेन रींगस होकर संचालित नहीं होगी।

रींगस की जगह पांच स्टेशनों पर मिलेगा अतिरिक्त ठहराव

परिवर्तित मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पांच प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव की व्यवस्था की है। रूणिचा एक्सप्रेस अब अलवर, बांदीकुई, दौसा, गांधीनगर जयपुर और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी।

इस बदलाव से इन क्षेत्रों के यात्रियों को दिल्ली-जैसलमेर के बीच आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। वहीं रींगस क्षेत्र से यात्रा करने वाले यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक स्टेशनों और ट्रेनों की जानकारी लेकर यात्रा की योजना बनानी होगी।

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण बदला ट्रेन संचालन

फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर रेल लाइन के दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसी क्रम में कुंड, पाली और खोरी स्टेशनों के बीच नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया गया है। कार्य के दौरान रेल यातायात को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कुछ ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। रेलवे के अनुसार यह बदलाव कार्य पूरा होने तक प्रभावी रहेगा। दोहरीकरण और संबंधित परिचालन कार्य पूरे होने के बाद ट्रेनों का संचालन निर्धारित मार्ग के अनुसार बहाल किया जाएगा।

दोहरी लाइन से बढ़ेगी रेलखंड की परिचालन क्षमता

फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। वर्तमान में सिंगल लाइन वाले हिस्सों में ट्रेनों को क्रॉसिंग और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं के कारण अतिरिक्त समय लग सकता है। दोहरी लाइन उपलब्ध होने से दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

दोहरीकरण के संभावित फायदे

-ट्रेनों के संचालन में अधिक लचीलापन

-क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी में कमी

- रेलखंड की परिचालन क्षमता में वृद्धि

-भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावना-

-समय पालन में सुधार की संभावना

रामदेवरा मेले के बीच बदलाव, यात्रियों को रखनी होगी जानकारी

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से रामदेवरा तथा जैसलमेर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए रूणिचा एक्सप्रेस महत्वपूर्ण ट्रेन है। ऐसे समय में जब रामदेवरा में बाबा रामदेव मेले की तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रेल मार्ग से पहुंचने की संभावना है, ट्रेन के बदले मार्ग की जानकारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन का मार्ग, ठहराव और संचालन स्थिति रेलवे की ताजा सूचना से जांच लेने की सलाह दी गई है। खासकर रींगस से यात्रा करने वाले यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक स्टेशन या दूसरी ट्रेन का विकल्प पहले तय करना होगा। दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद रूणिचा एक्सप्रेस का संचालन निर्धारित मार्ग पर बहाल किया जाएगा।

Updated on:
11 Aug 2026 09:01 pm
Published on:
11 Aug 2026 09:01 pm