
धू-धूकर जलती स्कूल बस
जैसलमेर से मंगलवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली और राहत देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, बच्चों को लेने जा रही एक निजी स्कूल बस में धउआ गांव के पास अचानक भीषण आग लग गई। घटना के समय बस में करीब 25 स्कूली बच्चे सवार थे। जानकारी के अनुसार, बस में अचानक धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, चालक की त्वरित सतर्कता और सूझबूझ के चलते बस को तुरंत सड़क किनारे रोककर सभी 25 बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। धउआ गांव के पास हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर कबाड़ में तब्दील हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, यह स्कूल बस आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यार्थियों को पिकअप करने के लिए जा रही थी। जैसे ही बस धउआ गांव के समीप पहुंची, उसके इंजन वाले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही सेकंडों में आग की लपटें उठने लगीं।
आग का अहसास होते ही चालक ने बिना समय गंवाए बस को सड़क किनारे रोक दिया। चालक और बस स्टाफ ने तुरंत सभी 25 बच्चों को एक-एक कर बस के दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकाला।
सभी बच्चों को सकुशल दूर ले जाने के महज कुछ ही मिनटों बाद आग ने पूरी बस को अपने आगोश में ले लिया। बच्चों के सुरक्षित बच जाने पर परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
घटना की सूचना तुरंत ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही जैसलमेर नगर परिषद की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने बिना देरी किए आग पर पानी की बौछारें शुरू कर दीं।
दमकल कर्मचारियों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। घटना का प्रारंभिक कारण वाहन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है।
पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के सटीक कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे या स्टाफ को कोई शारीरिक चोट नहीं आई।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और नियमित फिटनेस जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए जिले के सभी स्कूली वाहनों की मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जांच अनिवार्य रूप से कराई जानी चाहिए।
Updated on:
11 Aug 2026 08:54 am
Published on:
11 Aug 2026 08:31 am
