
जैसलमेर. जैसलमेर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्थित पेट्रोल पम्प से मिलावटी डीजल बेचे जाने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में वाहन चालकों व मालिकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। बताया जाता है कि इस पम्प से डीजल भरवाने के बाद करीब 20 गाडिय़ों में एक जैसी खराबी आ गई। वाहन मालिकों का आरोप है कि डीजल में पानी की मिलावट की गई। उनके अनुसार डीजल भरवाने के कुछ देर में वाहनों का पिकअप कमजोर पड़ गया। इंजन से तेज बदबू और सफेद धुआं निकलने लगा और कई गाडिय़ां रास्ते में ही बंद हो गईं। नाराज वाहन मालिक पेट्रोल पंप पहुंचे और प्रदर्शन किया। वे निष्पक्ष जांच और नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
वाहन मालिकों के विरोध को देखते हुए पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मियों ने फील्ड मैनेजर को सूचना दी। जबकि लोग डीजल की जांच कराने की मांग पर अड़ गए। पम्प पर पहुंचे वाहन मालिक देरावरसिंह ने बताया कि डीजल भरवाने के बाद कुछ दूरी चलते ही उनकी गाड़ी में दिक्कत शुरू हो गई। ऐसे ही एक अन्य एसयूवी सवार ने बताया कि सर्विस सेंटर में जांच के बाद वाहन के इंजन में खराबी की मुख्य वजह डीजल में पानी की मिलावट होना बताया गया। दूसरी ओर पेट्रोल पंप के प्रबंधक ने कहा कि पंप के स्टोरेज में रखा डीजल पूरी तरह शुद्ध है। उनका कहना है कि वाहन मालिक जो डीजल के सैंपल दिखा रहे हैं, उनकी जांच होना जरूरी है। प्रबंधन ने मामले की जानकारी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के फील्ड अधिकारी को दे दी है। उनका कहना है कि कंपनी के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर सैंपल की जांच करेंगे, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। महंगी गाडिय़ों के इंजन खराब होने से नाराज वाहन मालिकों ने पंप का संचालन बंद करवाया। उनका कहना है कि जब तक इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर डीजल की निष्पक्ष जांच नहीं कराते और नुकसान की भरपाई का भरोसा नहीं देते, तब तक पंप दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि देशभर की भांति जैसलमेर में भी ई-20 पेट्रोल को लेकर आम वाहन चालकों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। कई लोग इस पेट्रोल के उपयोग से अपने दुपहिया व चार पहिया वाहनों का माइलेज कम होने की शिकायत करते नजर आते हैं।