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Jaisalmer: गड़ीसर प्रोल अब बन रही ‘त्रिपोलिया’…एक नई प्रोल से आवागमन शुरू, दूसरी निर्माणाधीन

जैसलमेर. ऐतिहासिक गड़ीसर प्रोल जल्द ही त्रिपोलिया स्वरूप में नजर आएगी। नगरपरिषद 82 लाख रुपए की लागत से जैसलमेरी पत्थर और पारंपरिक स्थापत्य शैली में दो नई प्रोलों का निर्माण करा रही है। एक नई प्रोल से आवाजाही शुरू हो चुकी है, जबकि दूसरी का निर्माण अंतिम चरण में है।
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जैसलमेर. गड़ीसर प्रोल के पास बनी नई प्रोल से शुरू हुआ यातायात।

जैसलमेर. शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले प्रवेश द्वार गड़ीसर प्रोल का ‘त्रिपोलिया’ स्वरूप अब जल्द ही साकार होने वाला है। नगरपरिषद की ओर से इस प्राचीन द्वार के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण कार्य के तहत उसके अगल-बगल में जैसलमेरी पत्थर व पारम्परिक स्थापत्य शैली में दो नई प्रोलों का निर्माण करवाया जा रहा है। शहर के बाहरी हिस्से से अंदरूनी क्षेत्र में जाने के लिए बांये हिस्से वाली प्रोल बन कर तैयार हो गई है। इसमें से होकर आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। जबकि पुरानी प्रोल के दाएं वाले भाग में नई प्रोल के निर्माण का कार्य जोर-शोर से करवाया जा रहा है। सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण के इस कार्य पर करीब 82 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस कार्य से एक तरफ शहर की विरासत को संवारने का उद्देश्य पूरा किया जा रहा है, दूसरी तरफ यहां से आवाजाही करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह आकर्षण का अतिरिक्त केंद्र बनेगा और उन्हें आवाजाही में सुविधा मिल सकेगी।

नगर का प्रमुख प्रवेश द्वार

गौरतलब है कि गड़ीसर प्रोल रियासतकाल से शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक रहा है। यह द्वार ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर के पास स्थित होने के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी है। यही कारण है कि नगरपरिषद ने इस क्षेत्र को और अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए तीन प्रोलों की कल्पना को साकार करने वाली यह योजना क्रियान्वित की है। इस कार्य के तहत पुराने ढांचे को संरक्षित रखते हुए उसकी मरम्मत, रंग-रोगन और पारंपरिक शैली में सजावट की जा रही है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।

अमर शहीद के स्मारक का भी होगा विकास

इस कार्य के तहत अमर शहीद सागरमल गोपा के स्मारक का भी विकास किया जाएगा। पूर्व में गड़ीसर प्रोल का विस्तार कर वहां अमर शहीद की प्रतिमा लगा कर और उसके चारों तरफ लोहे की रैलिंग लगाई हुई है। अब इस क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और दर्शनीय बनाया जाएगा, जिससे यहां आने वाले लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के योगदान को बेहतर तरीके से जान सकें। गोपा की प्रतिमा पर नई छतरी का निर्माण करवाया जाएगा। स्मारक परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की सुविधाओं को भी बेहतर किया जा सकता है। इससे यह स्थान न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकेगा।

यातायात में सुधार की उम्मीद

ऐतिहासिक गड़ीसर प्रोल के दोनों ओर नई प्रोलों का निर्माण किए जाने से यातायात का दबाव कम होने और वाहनों की सुगम आवाजाही की उम्मीद लगाई जा रही है। पूर्व में आसपास अतिक्रमण व अवैध कब्जों के कारण संकरी जगह होने से अक्सर जाम जैसी स्थिति बनती रही है, जिसे इस विस्तारीकरण के बाद काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। नई प्रोलों का डिजाइन भी पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप रखा जा रहा है, ताकि पुराने और नए का संतुलन बना रहे।

आकर्षक पर्यटन स्थल बनेगा

परियोजना का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोडऩा है। कार्य पूर्ण होने के बाद गड़ीसर प्रोल क्षेत्र एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गड़ीसर प्रोल के सौन्दर्यकरण और उसके दोनों ओर नई प्रोलों के निर्माण से स्वर्णनगरी को एक नई पहचान मिल सकेगी।

- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद, जैसलमेर