6 किलोमीटर में 80 हजार को सुविधा देने में आ रहा पसीना !
जैसलमेर में यदि बिजली गुल तो फिर घंटों की आफत
-न घर के बाहर चैन मिल रहा है और न घर में आराम
जैसलमेर. करीब छह किलोमीटर में फैले जैसलमेर शहर के करीब 80 हजार बाशिंदों तक बिजली पहुंचाने में जिम्मेदारों को मानो पसीना आ रहा है। जैसलमेर में इन दिनों विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराने से शहरी बाशिंदे बेहद परेशान हैं। बार-बार मेंटीनेंस के दौरान लंबे समय तक विद्युत कटौती किए जाने के बावजूद अभी तक व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। गत एक सप्ताह से जहां गर्मी का असर बढ़ा है, वहीं बिजली से संबंधी परेशानियों में भी इजाफा हो रहा है। गर्मी से झुलसते लोगों की परेशानियों की ओर अभी तक जिम्मेदारों की नजरें इनायत नहीं हो पाई है। यहां के बाशिंदे प्रशासनिक तंत्र से लेकर जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्या बयां कर चुके हैं, लेकिन उन्हें हाथ आई तो सिर्फ निराशा। जब भी बिजली गुल होती है तो लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती हैं। यह समस्या आए दिन देखने को मिल रही है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र इन दिनों मेंटीनेंस के नाम पर आए दिन बिजली कटौती की सूचनाएं प्रसारित की जाती है। बावजूद इसके जब भी एकाएक बिजली गुल हो जाती है तो जिम्मेदार फॉल्ट ढूंढने में जुट जाते हैं।
यहां भी परेशानी
-शहरी क्षेत्र में विद्युतापूर्ति व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर भी बदहाल अवस्था में है।
-इनकी हालत इतनी खराब है कि यहां हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
-आए दिन बिजली गुल होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रात बितानी पड़ती हैं।
-भीषण गर्मी के दिनों में लोगों को न सुबह घर के बाहर चैन मिलता है न रात में घर में ही आराम।
इस रूट की सभी लाइन व्यस्त है....
एक बार गुल होने के बाद बिजली कब आएगी, इसको लेकर यदि आपको जानकारी लेनी हो तो भाग्य आपके साथ होना जरूरी है। यहां डिस्कॉम कार्यालय में जब बेसिक फोन पर इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया जाता है तो अधिकांशत: या तो फोन बिजी होने या आउट ऑफ आर्डर का संदेश सुनने को मिलता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की परेशानी यह है कि वे कहां जाएं और क्या करें ?