नाचना नहरी क्षेत्र के भूमिहीन किसान बीते 20 वर्षों से भूमि आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2004 में सामान्य आवंटन के लिए किए गए 6500 आवेदन पत्र अब भी लंबित हैं।
नाचना नहरी क्षेत्र के भूमिहीन किसान बीते 20 वर्षों से भूमि आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2004 में सामान्य आवंटन के लिए किए गए 6500 आवेदन पत्र अब भी लंबित हैं। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत किसानों ने दस्तावेज अब तक जमा नहीं कर पाए हैं।
गत अगस्त माह में उपनिवेशन कार्यालय नाचना ने लंबित आवेदनों की जांच प्रक्रिया शुरू की। किसानों से आधार कार्ड, परिचय पत्र, मूल निवास, पति-पत्नी के फोटो और कृषि भूमि रिपोर्ट जैसे दस्तावेज मांगे गए। इसी क्रम में 4 सितंबर को जारी नोटिस में 11 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि तय की गई थी। लेकिन किसानों तक नोटिस 24 सितंबर तक ही पहुंच पाए।
किसानों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण वे समय पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। किसान खेतीदास के नाम की जगह खेतसिंह लिखकर नोटिस भेजा गया। भंवरलाल का कहना है कि आवेदन पत्रों की जांच पहले भी तीन से चार बार हो चुकी है, फिर हर बार नए दस्तावेज क्यों मांगे जा रहे हैं। किसान शहजाद शेख ने बताया कि दस्तावेजों की तैयारी के लिए उन्हें वोटर लिस्ट की जरूरत है, जो केवल पोकरण से ही मिल पा रही है। नाचना से 80 किलोमीटर की दूरी तय कर किसान लगातार चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जब पहले भी कई बार जांच हो चुकी है तो हर बार नए दस्तावेज मांगकर किसानों को परेशान क्यों किया जा रहा है।
मैंने जैसलमेर डीसी के पद पर चार दिन पहले ही ज्वाइन किया है। मैं नाचना का अतिरिक्त चार्ज नहीं लूंगा, इसलिए मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। - अश्विनी के पवार, उपायुक्त उपनिवेशन विभाग जैसलमेर