सिंचाई पानी की मांग को लेकर मोहनगढ़ में किसानों का आक्रोश मंगलवार को फिर सामने आया। 23वें खंड टीएमसी कार्यालय के बाहर किसानों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर जैसलमेर जोन के हिस्से का पूरा सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 12 जून तक मांग पूरी नहीं हुई तो 13 जून से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि पानी की कमी से फसलें प्रभावित हो रही हैं और समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

मोहनगढ़. सिंचाई पानी की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के किसानों ने 23वें खंड टीएमसी कार्यालय मोहनगढ़ के बाहर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेते हुए अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि 12 जून तक जैसलमेर जोन के हिस्से का पूरा सिंचाई पानी नहीं मिला तो 13 जून से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सिंचाई पानी की कमी से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं तथा बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
किसानों ने निर्धारित हिस्से का पानी तत्काल उपलब्ध करवाने की मांग की। सूचना मिलने पर अधीक्षण अभियंता रामअवतार मीणा, अधिशासी अभियंता रोहित जोरवाल, चेनाराम इनाणिया तथा सहायक अभियंता (रेग्यूलेशन) अजय मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि 11 जून तक जैसलमेर जोन के हिस्से का पूरा सिंचाई पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना सांकेतिक धरना स्थगित कर दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा तक पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई तो 13 जून से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में किसान नेता साहबान खां, चंद्रवीरसिंह, टीकूराम, कैलाश बेनीवाल, कपूरसिंह भाटी, खुदाबख्श, पूनमसिंह, लालजी बिश्नोई, रामेश्वर बिश्नोई, आलम खां, हबीब खां, भीखे खां, हनुमान बिश्नोई, खुमाराम सियाग, निजाम खां, मोहम्मद खां, हनीफ खां, कासिम खां, छगन सुथार, लूंबाराम, मानाराम, बिरमसिंह, अली खां, सरादीन, बलदेव चौधरी, भूरसिंह घटियाली, सुरेंद्रसिंह, चतुरसिंह, बाबूसिंह, मगाराम, खीमेश, प्रेमसिंह, बिरधाराम, सुभाष बिश्नोई, फतेहखां, रूपाराम, गणपत जांदू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
भणियाणा. ग्राम पंचायत बारठ का गांव में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। लगातार हो रही जल बर्बादी को लेकर ग्रामीणों में रोष है तथा संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन लीकेज की समस्या से ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन बहुमूल्य पेयजल लगातार बर्बाद हो रहा है और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जल संरक्षण तथा प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर जल जीवन मिशन का संचालन कर रही है, लेकिन संबंधित जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण योजना के मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि समय पर मरम्मत नहीं होने से न केवल पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि ग्रामीणों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।