जैसलमेर

जैसलमेर में पहली बार आंख का जटिल ऑपरेशन, बालिका की रोशनी लौटी

जैसलमेर जिले के जवाहिर चिकित्सालय में पहली बार आंख का एक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि दर्ज की गई है। इस ऑपरेशन से एक बालिका की आंख की रोशनी बचाई जा सकी, जिससे मरीज बालिका के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी बड़ी राहत मिली है।

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Feb 09, 2026

जैसलमेर जिले के जवाहिर चिकित्सालय में पहली बार आंख का एक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि दर्ज की गई है। इस ऑपरेशन से एक बालिका की आंख की रोशनी बचाई जा सकी, जिससे मरीज बालिका के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी बड़ी राहत मिली है। यह जटिल शल्यक्रिया जवाहिर चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव जोशी ने की। जानकारी के अनुसार फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र के सुमलियाई गांव निवासी दुर्गाराम की 17 वर्षीया पुत्री रवीना को लकड़ी काटते समय दाहिनी आंख में गंभीर चोट लग गई थी। हादसे में उसकी आंख की कॉर्निया फट गई और साथ ही आंख में कई जगह खरोंचें भी थीं। चोट इतनी गंभीर थी कि बालिका की आंख की दृष्टि पूरी तरह चली गई थी। उसे असहनीय दर्द हो रहा था और कॉर्नियल एडिमा (कॉर्निया में सूजन) भी काफी अधिक थी।

जांच के बाद तत्काल किया ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार रवीना के परिजन घबराहट की स्थिति में गत 5 तारीख की शाम उसे लेकर जवाहिर चिकित्सालय की आई यूनिट में पहुंचे। मरीज की गंभीर अवस्था को देखते हुए तत्काल जांच की गई। जांच में कॉर्नियल टियर की पुष्टि हुई, जिसे एक आपात स्थिति माना जाता है। चिकित्सकों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन की तैयारी की और अगले दिन कॉर्नियल टियर रिपेयर किया गया

सर्जरी के बाद स्थिति बेहतर

समय पर ऑपरेशन हो जाने के कारण आंख की संरचना को सुरक्षित किया जा सका। सर्जरी के बाद बालिका की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। फिलहाल बच्ची स्वस्थ है, दर्द में काफी कमी आई है और सबसे राहत की बात यह है कि उसकी दृष्टि में भी सुधार देखा गया है। आगे भी नियमित फॉलो-अप और दवाइयों के माध्यम से उपचार जारी रहेगा। अस्पताल के पीएमओ डॉ. रविन्द्र सांखला ने बताया कि ऑपरेशन से यह साबित हुआ है कि अब जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में भी जटिल नेत्र रोगों का इलाज संभव है। इससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

Published on:
09 Feb 2026 08:34 pm
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