पोकरण कस्बे की प्रमुख फोर्ट रोड पर सड़क मरम्मत के नाम पर की गई औपचारिकता अब आमजन के लिए परेशानी का कारण बन गई है। करीब दस दिन पूर्व किए गए पेचवर्क के बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।
पोकरण कस्बे की प्रमुख फोर्ट रोड पर सड़क मरम्मत के नाम पर की गई औपचारिकता अब आमजन के लिए परेशानी का कारण बन गई है। करीब दस दिन पूर्व किए गए पेचवर्क के बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। गहरे गड्ढ़े और उखड़ा हुआ डामर हादसों को न्योता दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 29 जनवरी को कस्बे में मरु महोत्सव का आयोजन हुआ था। इससे ठीक एक दिन पहले 28 जनवरी की रात को फोर्ट रोड पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई गई। मरम्मत के दौरान कुछ गड्ढ़ों में डामर का पेचवर्क किया गया, जबकि कई स्थानों पर केवल ग्रेवल डालकर काम पूरा मान लिया गया। सड़क किनारे जमा मिट्टी और ग्रेवल को भी साफ नहीं किया गया, जिससे मार्ग और अधिक असुरक्षित हो गया। फोर्ट रोड लंबे समय से क्षतिग्रस्त स्थिति में है। जलदाय विभाग की पाइपलाइन में बार-बार लीकेज होने से सड़क पर पानी भरता रहा, जिससे डामर उखड़ गया और जगह-जगह गहरे गड्ढ़े बन गए।
मरु महोत्सव के दौरान शोभायात्रा इसी मार्ग से निकलने के कारण लोगों को उम्मीद थी कि सड़क की समुचित मरम्मत होगी, लेकिन अपेक्षाओं के विपरीत केवल खानापूर्ति कर दी गई। यह मार्ग कस्बे के सबसे व्यस्त रास्तों में शामिल है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क से चौराहे, गांधी चौक और मुख्य बाजार की ओर आवाजाही करते हैं। इसके अलावा फोर्ट देखने आने वाले पर्यटक और बालीनाथ महाराज के आश्रम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। लगातार आवाजाही के बावजूद सड़क की जर्जर स्थिति बनी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
दिन के साथ-साथ रात में भी फोर्ट रोड पर आवाजाही बनी रहती है। सड़क के दोनों ओर दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट और आवासीय क्षेत्र स्थित हैं, लेकिन रात्रि में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में गड्ढ़े दिखाई नहीं देने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कवायद नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।