रेत के समंदर में अब हरियाली की उम्मीद आकार ले रही है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत चल रहे हरियालों राजस्थान अभियान को लेकर जैसलमेर वन विभाग ने बड़ी पहल की है।
रेत के समंदर में अब हरियाली की उम्मीद आकार ले रही है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत चल रहे हरियालों राजस्थान अभियान को लेकर जैसलमेर वन विभाग ने बड़ी पहल की है। जिले की 15 से अधिक नर्सरियों में तैयार किए गए 10 लाख 20 हजार पौधों का वितरण आरंभ हो चुका है।
जैसलमेर जिले की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार वन विभाग ने पौधों की विविध प्रजातियां तैयार की हैं। पौधों की ऊंचाई 2 फीट से 10 फीट तक है, ताकि सभी जरूरतों और स्थानों के लिए उपयुक्त चयन किया जा सके। इन पौधों को विशेष देखरेख में तैयार किया गया है, ताकि रोपण के बाद इनकी जीवित रहने की संभावना अधिक हो। वन विभाग के अनुसार जिले की 15 से अधिक नर्सरियों में इस अभियान के तहत विशेष कार्य किया गया है। तैयार किए गए पौधे न केवल छायादार और सौंदर्यवर्धक हैं, बल्कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल भी हैं।
वन विभाग की जैसलमेर, पोकरण, सम, लाठी, नाचना, गजरूप सागर, डाबला सहित अन्य नर्सरियों में ऐसे पौधे तैयार किए गए हैं, जो रेगिस्तानी जलवायु में भी आसानी से पनप सकते हैं। इनमें खेजड़ी, रोहिडा, बैर, कुमठा, जाल जैसी स्थानीय प्रजातियों के साथ पीपल, बड़, नीम, गुलमोहर, शीशम, करंज, बोगनवेलिया, कनेर जैसे छायादार व सजावटी पौधे भी शामिल हैं। पौधों की ऊंचाई 2 फीट से शुरू होकर 10 फीट तक है, जिससे आमजन अपनी आवश्यकता और उपयोगिता के अनुसार चयन कर सकते हैं।
जैसलमेर में मानसून सीमित होता है, ऐसे में पौधारोपण का सबसे उपयुक्त समय जुलाई से सितम्बर तक का होता है। वन विभाग के अनुसार यदि यह कार्य सितंबर के बाद किया गया, तो पौधे की जड़ें जमीन में अच्छे से नहीं जम पाती और उनकी वृद्धि रुक जाती है। इस कारण से विभाग ने सभी संस्थाओं और आमजन से आग्रह किया है कि समय रहते पौधारोपण करें ताकि अच्छे परिणाम मिल सकें।
आगामी 9 जुलाई तक चलने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय सबल पखवाड़े को विभाग ने पौधरोपण के लिए विशेष रूप से चुना है। इस दौरान जिले के सभी विभागों को पौधारोपण का लक्ष्य पहले ही दे दिया गया है। यह अभियान सिर्फ सरकारी स्तर पर सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों, उद्योगों और आम नागरिकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
वन विभाग ने पौधों की दरें निर्धारित कर दी हैं। कांटेदार पौधे 5 रुपए में, 2 फीट ऊंचाई तक के छायादार पौधे 6 रुपए, 3 फीट तक 10 रुपए, 5 फीट तक 15 रुपए, 8 फीट तक 25 रुपए और 10 फीट तक के पौधे 50 से 75 रुपए तक की दर पर उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि सरकारी व सार्वजनिक भूमि पर पौधरोपण करने के इच्छुक विभागों और उपक्रमों को ये पौधे 50 प्रतिशत रियायती दर पर दिए जाएंगे।
जिले की जिन नर्सरियों में पौधे उपलब्ध हैं, उनमें प्रमुख हैं - गजरूप सागर, डाबला, लाठी, नाचना, सम, पाबूपाडिया, पोकरण लिफ्ट, इंदिरा गांधी नहर के विभिन्न आरडी क्षेत्र। कुल 10.20 लाख पौधे इन स्थानों पर तैयार हैं, जिन्हें निर्धारित दरों पर आमजन व संस्थाएं प्राप्त कर सकेंगे।
वन विभाग का मानना है कि पौधरोपण सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास है। यही कारण है कि अभियान में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घर, खेत, कार्यालय, संस्थान व सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर हरियालों राजस्थान के सपने को साकार करें।
हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जैसलमेर जिले की सभी नर्सरियों में विशेष रूप से काम कर गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए गए हैं। मानसून की पहली बरसात के साथ ही पौधारोपण का उपयुक्त समय शुरू हो चुका है। हम चाहते हैं कि सभी विभाग, संस्थान और आमजन समय रहते पौधे प्राप्त करें और जुलाई से सितम्बर के बीच रोपण अवश्य करें। इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी और हरियाली का सपना साकार होगा।
-कुमार शुभम, उप वन संरक्षक, जैसलमेर