
जैसलमेर/जोधपुर। फलोदी तहसील के बाप थानांतर्गत टेकरा गांव में शुक्रवार को सुबह तेज वॉल्टेज के कारण 50 से अधिक घरों में करंट फैल गया। इस दौरान एक विद्युत पोल की ताण तार में करंट की चपेट में आने से एक प्रौढ़ की मौत हो गई। जिससे गुस्साए लोगों ने स्थानीय राजकीय अस्पताल में जमकर हंगामा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि टेकरा गांव में शुक्रवार को सुबह तेज वॉल्टेज के कारण अचानक 50 घरों में करंट दौडऩे लगा। टेकरा निवासी मूलसिंह (55) पुत्र प्रयागसिंह अपने घर के बाहर खड़ा था। इस दौरान उसका हाथ अचानक विद्युत पोल की ताण के लग गया तथा वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल पोकरण राजकीय अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर बाप पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
पूर्व में आठ जनों की हो चुकी है मौत
टेकरा के ग्रामीणों ने बताया कि गत छह माह से विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तेज वॉल्टेज की घटनाएं हो रही है। उन्होंने बताया कि गत छह माह में यह आठवीं मौत है। इसके अलावा दर्जनों लोग करंट से झुलस चुके है। बावजूद इसके डिस्कॉम की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोगों की लगी भीड़, शव उठाने से किया इनकार
करंट से प्रौढ़ की मौत की सूचना मिलते ही टेकरा से बड़ी संख्या में ग्रामीण पोकरण अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा आसपास गांवों से भी लोग यहां पहुंच गए। लोगों ने रोष जताते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। टेकरा निवासी शैतानसिंह, भोमसिंह, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जैसलमेर जिला उपाध्यक्ष सांगसिंह गड़ी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने यहां रोष जताते हुए डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता को हटाने, उनके विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करवाने, मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने, सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
ग्रामीणों की ओर से विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पोकरण पुलिस उपाधीक्षक नानकसिंह, थानाधिकारी माणकराम विश्रोई, रामदेवरा थानाधिकारी देवीसिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता अस्पताल पहुंचा। जिससे अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन वे उपखण्ड अधिकारी बाप को मौके पर बुलाने तथा उनकी मांगों पर कार्रवाई करने की बात पर अड़े रहे।
चला समझाइश का दौर
टेकरा में सुबह प्रौढ की मौत के बाद मामला शांत होने की बजाय तूल पकडऩे लगा। सोशल मीडिया पर पोकरण अस्पताल चलने के संदेश भी वायरल होने लगे। जिससे अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। दोपहर दो बजे बाद स्थानीय उपखण्ड अधिकारी रेणु सैनी अस्पताल पहुंची। उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक के साथ ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला तथा ग्रामीण अपनी मांगों पर ही अड़े रहे। इस अवसर पर शैतानसिंह, भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आईदानसिंहभाटी, पंचायत समिति सांकड़ा सरपंच संघ के अध्यक्ष मदनसिंह राजमथाई, जलदाय विभाग के सेवानिवृत मुख्य अभियंता गोपालसिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।