जैसलमेर

थाली तक पहुंचने से पहले कितनी सुरक्षित है खाने की हर चीज

वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक 71 नमूनों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें 20 नमूने सही पाए गए, जबकि 15 नमूने अमानक मिले। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 36 नमूनों की रिपोर्ट अभी भी लंबित है। यानी आधे से अधिक नमूनों की वास्तविक स्थिति सामने आना बाकी है।
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Jun 06, 2026
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सांकेतिक फोटो

भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन की बुनियाद है। ऐसे में सवाल यह है कि बाजार से खरीदकर घर पहुंचने वाली खाद्य सामग्री वास्तव में कितनी सुरक्षित है? विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर जिले के खाद्य नमूनों का विश्लेषण कई महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है। आंकड़े बताते हैं कि निगरानी तंत्र सक्रिय है, लेकिन अमानक खाद्य पदार्थों की मौजूदगी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।

जिले में वर्ष 2025 के दौरान कुल 220 खाद्य नमूने लिए गए। इनमें 184 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 36 नमूने अमानक निकले। यानी लगभग हर छह में से एक नमूना गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया। यह अनुपात करीब 16 प्रतिशत बैठता है, जो उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी संकेत माना जा सकता है। वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक 71 नमूनों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें 20 नमूने सही पाए गए, जबकि 15 नमूने अमानक मिले। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 36 नमूनों की रिपोर्ट अभी भी लंबित है। यानी आधे से अधिक नमूनों की वास्तविक स्थिति सामने आना बाकी है। हकीकत यह है कि जांच व्यवस्था लगातार काम कर रही है, लेकिन रिपोर्ट आने में लगने वाला समय भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक संबंधित उत्पाद बाजार में पहुंच चुके होते हैं या उपभोग में आ चुके होते हैं।

आंकड़ों में छिपा संदेश

-वर्ष 2025 में कुल 220 नमूने

-184 नमूने मानकों के अनुरूप

-36 नमूने अमानक

- जनवरी से मई 2026 तक 71 नमूने

-20 सही पाए गए

-15 अमानक मिले

- 36 रिपोर्ट लंबित

गर्मी में बढ़ जाता है जोखिम

विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम में खाद्य पदार्थों के खराब होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। खुले खाद्य पदार्थ इस मौसम में सबसे संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। अधिक तापमान के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ कृत्रिम रंग, सिंथेटिक पदार्थ और अन्य मिलावटी तत्वों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

हाल के महीनों में घी और मसाला के प्रतिष्ठानों पर हुई जांचों ने भी इस आशंका को मजबूत किया है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।

इन पर ध्यान देना भी जरूरी

- मिलावट के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार केवल सरकारी कार्रवाई नहीं, बल्कि उपभोक्ता जागरूकता भी है।

- पैक्ड उत्पाद खरीदते समय लेबल, निर्माण तिथि, लाइसेंस नंबर और गुणवत्ता संबंधी जानकारी की जांच जरूरी है।

-खुले खाद्य पदार्थों की खरीद में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

नियमित निरीक्षण और कार्रवाई

शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। संदेह होने पर नमूने लेकर जांच के लिए जोधपुर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई होती है। साथ ही खाद्य कारोबार संचालकों को स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं।

- किशनाराम कड़वासरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जैसलमेर

Updated on:
06 Jun 2026 08:18 pm
Published on:
06 Jun 2026 08:18 pm