पर्यटन नगरी जैसलमेर में गड़ीसर चौराहा से सम मार्ग तक शहर के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न चौराहों और सर्किलों का कायाकल्प किया जा रहा है। कई स्थानों पर आकर्षक स्थापत्य, रोशनी और पारंपरिक कला के जरिए नई पहचान दी गई है, लेकिन इसी प्रमुख मार्ग पर स्थित एयरफोर्स चौराहा और किशनसिंह भाटी बस स्टैंड सर्किल अब भी उपेक्षा का शिकार हैं। शहर के प्रवेश और आवागमन से जुड़े इन महत्वपूर्ण स्थलों की अनदेखी सौंदर्यीकरण अभियान की पूर्णता पर सवाल खड़े कर रही है।

जैसलमेर. पर्यटन नगरी जैसलमेर में शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर पिछले कुछ समय से नगरपरिषद और नगर विकास न्यास की ओर से विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से गड़ीसर चौराहा से लेकर सम मार्ग तक के प्रमुख चौराहों और सर्किलों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। कहीं आकर्षक स्थापत्य तैयार किए गए हैं तो कहीं रोशनी, लैंडस्केपिंग और पारंपरिक कला के माध्यम से शहर की पहचान को उभारने का प्रयास किया गया है। कई स्थानों पर कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ जगहों पर काम प्रगति पर हैं। इसके बावजूद इसी मुख्य मार्ग पर स्थित दो महत्वपूर्ण स्थल, एयरफोर्स चौराहा और किशनसिंह भाटी बस स्टैंड सर्किल अब भी उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं।
शहर में प्रवेश और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले ये दोनों चौराहे लंबे समय से सौंदर्यीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सबसे अधिक चर्चा एयरफोर्स चौराहे की हो रही है, जहां करीब दो वर्ष पूर्व विधिवत कार्यक्रम आयोजित कर सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया था। उस समय चौराहे को आकर्षक स्वरूप देने, आधुनिक डिजाइन विकसित करने और शहर की थीम के अनुरूप सजाने की घोषणा की गई थी। प्रारंभिक गतिविधियों के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि शीघ्र ही यह स्थल भी शहर की नई पहचान बनेगा, लेकिन समय बीतने के साथ कार्य ठंडे बस्ते में चला गया।
गड़ीसर से सम मार्ग तक का रास्ता जैसलमेर के पर्यटन मानचित्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रतिदिन हजारों देशी-विदेशी पर्यटक इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में अधिकांश चौराहों का विकसित स्वरूप जहां शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है, वहीं एयरफोर्स चौराहा और बस स्टैंड सर्किल का सामान्य एवं उपेक्षित रूप लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब आसपास के कई स्थानों का कायाकल्प हो चुका है तो इन दोनों प्रमुख बिंदुओं को नजरअंदाज करना समझ से परे है।
शहर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों के बीच इन दोनों स्थलों की अनदेखी अब चर्चा का विषय बन गई है। नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि विकास कार्यों में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। अधूरी योजनाएं न केवल संसाधनों की बर्बादी का कारण बनती हैं बल्कि लोगों के बीच प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल भी खड़े करती हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग इन दोनों महत्वपूर्ण चौराहों की सुध लेकर लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू करेंगे, ताकि पर्यटन नगरी की सुंदरता के अभियान को पूर्णता मिल सके और शहर का प्रवेश मार्ग हर दृष्टि से आकर्षक दिखाई दे।
जैसलमेर के एयरफोर्स चौराहा के सौंदर्यीकरण का कार्य ठेकेदार की ओर से नहीं करवाया जा रहा है, इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं बस स्टैंड वाले कार्य को एएसआइ के नियमों के अनुसार रीडिजाइन किया जाना है।
- लजपाल सिंह सोढ़ा