
रामदेवरा. सावन माह के शुक्ल पक्ष लगते ही पैदल चलकर आने वाले श्रद्धालुओं की तादात लगातार बढ़ती जा रही है । प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों की तादात में श्रद्धालु सपरिवार व अपने रिश्तेदारों के साथ पदयात्रा करके रामदेवरा पहुंच रहे हैं। रविवार को सावन माह के शुक्ल पक्ष लगते ही सांडेराव से करीब 350 महिला श्रद्धालुओं का जत्था करीब तीन सौ किलोमीटर का लंबा सफर तय करके रामदेवरा पहुंचा ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए श्रद्धालुओं का जोश व उत्साह देखते ही बनता था। लगातार 11 वर्ष पदयात्रा कराए अनुज राम ने बताया कि सांडेराव से गत 10 वर्षों से लगातार हुए पद यात्रा करके रामदेवरा आ रहे हैं। इस बार अच्छे मानसून बरसात की कामना व देश में खुशहाली की कामना को लेकर 350 श्रद्धालुओं का जत्था 11 दिनों में पदयात्रा करके रामदेवरा पहुंचा। सभी ने रविवार को बाबा रामदेव की समाधि पर 21 फुट लंबी ध्वजा कपड़े का घोड़ा मखमली चादर मिश्री पतासा काजू बादाम अखरोट का प्रसाद चढ़ा कर सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की। रामदेवरा पोकरण सडक़ मार्ग पर बाबा रामदेव की जय जयकार करते अलग-अलग स्थानों में श्रद्धालुओं के आने का क्रम अनवरत रूप से जारी है।।
बढ़ी श्रद्धाुलओं की गहमा गहमी
सावन शुक्ल पक्ष की द्वितीया से एक दिन पूर्व ही श्रद्धालुओ की गहमागहमी बढऩे लगी है। सोमवार को शुक्ल पक्ष की दूज के दर्शन की आस लिए लाखों लोग रामदेवरा पहुंच रहे है। बाबा रामदेव के भजन कीर्तन सत्संग करते हुए श्रद्धालुओं का जोश व उत्साह देखते ही बनता है। धार्मिक स्थली रामदेवरा इन दिनों आस्था के रंग में रंगी नजर आ रही है। इन दिनों अहमदाबाद, बड़ोदरा, सूरत, जामनगर, पुणे, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद सहित अलग-अलग स्थानों से बाबा रामदेव की जय जयकार करते हजारों श्रद्धालु रविवार को रामदेवरा पहुंचे। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन समाधि का दर्शन करने की चाह लिए हजारों लोग यहां पहुंच चुके हैं इस कारण गांव की नामी गिरामी धर्मशाला होटलों में इन दिनों पांव रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। आगामी सावन माह के एक पखवाड़े तक यहां पर भीड़ भाड़ रहेगी।