जैसलमेर

मनरेगा हाजिरी में अनियमितताएं: कहीं एक फोटो से उपस्थिति, कहीं बिना फोटो दर्ज हाजिरी हो रही दर्ज

सरहदी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां दिखाई देने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कार्य प्रारंभ होने और कार्य समाप्ति के समय दो अलग-अलग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
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Jun 01, 2026
pokaran news photo narega
पोकरण. केवल एक समय फोटो किया गया अपलोड।

पोकरण. ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू एनएमएमएस यानी नरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एप के उपयोग में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। सरहदी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां दिखाई देने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कार्य प्रारंभ होने और कार्य समाप्ति के समय दो अलग-अलग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। इन फोटो के आधार पर ही श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होती है और मजदूरी का भुगतान किया जाता है। इसके बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।

यह है हकीकत

एनएमएमएस पोर्टल की पड़ताल में सामने आया कि जिले की सातों पंचायत समितियों—सांकड़ा, भणियाणा, नाचना, मोहनगढ़, फतेहगढ़, जैसलमेर और सम क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 13 मई की उपस्थिति रिकॉर्ड में कई विसंगतियां दर्ज हैं। अधिकांश कार्यस्थलों पर केवल सुबह का फोटो अपलोड किया गया, जबकि कार्य समाप्ति का फोटो अनुपस्थित मिला। कई स्थानों पर फोटो इतने धुंधले थे कि श्रमिकों की पहचान करना संभव नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कार्यस्थलों पर केवल एक या दो श्रमिकों के फोटो अपलोड किए गए, जबकि उपस्थिति आठ से दस श्रमिकों की दर्ज की गई। कुछ मामलों में फोटो उपलब्ध नहीं होने के बावजूद सभी श्रमिकों की हाजिरी दर्ज मिली। ऐसे मामलों ने एनएमएमएस एप की प्रभावशीलता और निगरानी व्यवस्था की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर नियमों की अनदेखी से इसका उद्देश्य प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। नियमित पर्यवेक्षण और सत्यापन के अभाव में अनियमितताओं की संभावना बढ़ रही है।

फैक्ट फाइल

- 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान है मनरेगा में

-2 फोटो एनएमएमएस एप पर अपलोड करना अनिवार्य

- 7 पंचायत समितियां और 206 ग्राम पंचायतें है जैसलमेर जिले में

जिम्मेदार बोले - नियमित हो रही निगरानी

पोर्टल की नियमित निगरानी की जा रही है। फिलहाल ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मामले की गहन जांच कराई जाएगी और उपस्थिति में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

- हनुमानाराम चौधरी, विकास अधिकारी, पंचायत समिति सांकड़ा

Updated on:
01 Jun 2026 08:51 pm
Published on:
01 Jun 2026 08:51 pm